अमृतसर की अजनाला तहसील के धारीवाल में एक पंचायत ने लव मैरिज पर रोक लगा दी है। इसे लेकर पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया। सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि अगर गांव के कोई लड़का-लड़की आपस में मैरिज करते हैं तो उन्हें गांव से बाहर कर दिया जाएगा। इसके साथ ही लड़का और लड़की के परिवार का सोशल बायकॉट किया जाएगा। शादी कराने वालों की पंचायती सरकारी सुविधाएं खत्म करेंगे। किसी डॉक्यूमेंट पर साइन नहीं होगा। कल को कोई दिक्कत आती है तो गांव का कोई भी व्यक्ति थाने या कोर्ट में गवाही नहीं देगा। लव मैरिज या अरेंज मैरिज किसी भी सूरत में लड़का-लड़की के परिवारों की कोई बात सुनी नहीं जाएगी। पंचों ने बताया कि यह फैसला तब लिया गया, जब हाल ही में 5 से 6 शादियां ऐसी हो गईं, जिनमें गांव का ही लड़का और गांव की ही लड़की है। ऐसे मामले में एक ही गली में या कई बार आमने-सामने ही मायका-ससुराल हो जाता है। गांव वालों को समझ नहीं आता कि अब लड़की उनकी बेटी है या बहू है। रिश्तों में ऐसी शादियों के कारण खटास भी आती है। कई मामलों में परिवारों में झगड़े बढ़ गए हैं। ऐसे में पंचायत ने गांव के अंदर किसी भी तरीके से शादी पर बैन लगा दिया है। पंचायत ने यह फैसला 7 फरवरी को लिया। पंचायत के प्रस्ताव की 5 अहम बातें प्रस्ताव पास करने के पीछे पंचायत और सरपंच का तर्क
सरपंच मुख्तार सिंह और गांव के बुजुर्गों का कहना है कि लव मैरिज के कारण गांव के आपसी भाईचारे में दरार आ रही है। इससे परिवारों के बीच रंजिशें पैदा होती हैं, जिससे गांव का माहौल खराब होता है। युवा पीढ़ी को गलत रास्ते पर जाने से रोकने के लिए यह अनुशासन जरूरी है। गांव के अंदर का ही माहौल खराब हो रहा है। बीते दिनों हुई लव मैरिज और उससे पैदा हुए विवाद के बाद ही पंचायत ने ये फैसला लिया है। ॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब के गांव में पंचायत का आदेश:प्रवासियों को एक हफ्ते के भीतर छोड़ने को कहा, बोले- वे सार्वजनिक स्थानों पर करते हैं नशा पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के खमाणों ब्लॉक स्थित गांव लखनपुर (गरचां पत्ती) की पंचायत ने एक विवादास्पद और गैरकानूनी आदेश जारी करते हुए गांव में रह रहे प्रवासी परिवारों को एक सप्ताह के भीतर गांव खाली करने को कहा है। पूरी खबर पढ़ें…


