Ajmer Crime: ‘हमदर्द’ बनकर मदद का दिया भरोसा और दे गए जीवनभर का दर्द, बैक-टू-बैक 2 महिलाओं से ठगी

Ajmer Crime: ‘हमदर्द’ बनकर मदद का दिया भरोसा और दे गए जीवनभर का दर्द, बैक-टू-बैक 2 महिलाओं से ठगी

Women Cheated in Ajmer: अजमेर शहर के क्लॉक टावर थाना क्षेत्र में बुधवार दोपहर महिलाओं को बातों के जाल में उलझा कर गहने उतरवाने की दो अलग-अलग वारदातें सामने आई हैं। बदमाशों ने खुद को महिलाओं का मददगार व हमदर्द बताकर पहले भरोसा जीता और फिर चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए। पुलिस ने प्रकरण दर्जकर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

केस-1: स्कूल के बाहर की वारदात

पहली वारदात राजकीय मोइनिया इस्लामिया स्कूल के बाहर इन्दिरा गांधी स्मारक के सामने पेश आई। लोहागल निवासी गीतादेवी पत्नी किशन सिंह रावत खरीदारी के लिए बाजार आई थी। बस से उतरते ही स्कूल के बाहर बैठी एक महिला व युवक ने उसे अपने पास बुला लिया।

युवक ने गीतादेवी से बातचीत शुरू की। दोनों ने किसी अनहोनी या खतरे का भय दिखाते हुए गहने उतारकर सुरक्षित रखने की सलाह दी। झांसे में आई गीतादेवी ने अपने गहने उतार कर उनको थमा दिए, इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद पीड़िता बिलखते हुए क्लॉक टावर थाने पहुंची।

बुर्का पहने हुई थी महिला

गीतादेवी ने बताया कि वारदात अंजाम देने वाली महिला ने बुर्का पहन रखा था जबकि उसके साथ मौजूद युवक की उम्र करीब 17-18 साल थी। पुलिस पीड़िता के बताए हुलिए के आधार पर संदिग्ध महिला की तलाश में जुटी है।

केस-2 : रोककर पूछा जयपुर का रास्ता

दूसरी वारदात ब्यावर रोड स्थित संत फ्रांसिस अस्पताल के निकट मेट्रो होटल के सामने पेश आई। यहां भी बदमाशों ने राह चलती दौराई यादव मोहल्ला निवासी पप्पूदेवी पत्नी रायमल गुर्जर को रोका। उसने जयपुर का रास्ता पूछा। पप्पूदेवी ने जयपुर का रास्ता आगे से बताया तो उसने किराया नहीं होने की बात कही। इतनी देर में उसका दूसरा साथी भी पहुंच गया।

उन्होंने पप्पूदेवी को बढ़ती चोरी की वारदातों में गहने पहनकर घर से नहीं निकलने की नसीहत देकर गहने खोलकर अपने पास रखने की सलाह दी। आरोपियों के झांसे में आई पप्पूदेवी ने भी गले में पहना मांदलिया और कान के टॉप्स खोल दिए। शातिर ने नोटों के बंडल का पारदर्शी बॉक्स व थैली में गहने डालकर थमा दिए। गहने की थैली थमाने के बाद आरोपी तेजगति में जीसीए चौराहा की तरफ निकल गए।

थैली में मिले पत्थर

पीडि़ता ने बताया कि आरोपियों द्वारा दी गई बॉक्सनुमा थैली और उसके गहने की थैली खोलकर देखा तो उसमें कंकड़-पत्थर निकले। वह दौड़ते हुए जीसीए चौराहा तक गई लेकिन आरोपी तब तक फरार हो चुके थे। थाने पहुंचने पर थानाप्रभारी भीकाराम काला पप्पूदेवी को लेकर आरोपियों की तलाश में निकले।

आरोपियों की तलाश शुरू

पुलिस ने पहाड़गंज, केसरगंज, ब्यावर रोड, डिग्गी चौक, पन्नीग्रान, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड के आसपास संदिग्धों की तलाश की। एक टीम को अभय कमांड सेंटर सीसीटीवी फुटेज के लिए रवाना किया। सीसीटीवी फुटेज में शातिर ठग नजर आ रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरोह की तलाश में जुटी है।

क्लॉक टावर थानाप्रभारी भीकाराम काला ने बताया कि दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्जकर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला व युवक जोड़ी बनाकर वारदात अंजाम दे रहे हैं।

पत्रिका अलर्ट-

  • ठग पहले भरोसा जीतते हैं, फिर डर दिखाकर गहने उतरवा लेते हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
  • अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं, खतरे या अनहोनी का डर दिखाए तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
  • कोई भी गहने उतारकर सुरक्षित रखने की सलाह दे तो साफ मना करें।
  • रास्ता पूछने, किराए की कमी या मदद का बहाना भी ठगी का तरीका हो सकता है।
  • सार्वजनिक स्थानों पर गहने ढककर रखें, किसी के कहने पर गहने न उतारें और न ही अनजान को थमाएं।
  • नोटों की गड्डी या पारदर्शी बॉक्स दिखाकर झांसा दिया जा सकता है, बिना जांचे कोई पैकेट स्वीकार न करें।
  • शक होने पर तुरंत शोर मचाएं और आसपास के लोगों को सतर्क करें।
  • बुजुर्ग महिलाओं को विशेष रूप से जागरूक करें, वे सॉफ्ट टार्गेट होती हैं।

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