Ajit Pawar Nasik Film City Project: महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार का नाम एक सख्त फैसले लेने वाले और असरदार नेता के तौर पर लिया जाता था। उनके निधन से ना सिर्फ सत्ता के गलियारों में शोक की लहर है बल्कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री भी स्तब्ध है। उनकी पहचान एक मजबूत प्रशासक की रही है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनकी जिंदगी में सिनेमा का एक अलग ही रिश्ता रहा है। राजनीति की व्यस्तताओं के बीच फिल्मों और फिल्म निर्माण को लेकर वो बहुत कुछ करना चाहते थे। ऐसा ही एक फैसला उन्होंने पिछले साल हुई बैठक में लिया था।
अजित पवार के पिता अनंतराव पवार (Ajit Pawar Bollywood Connection)
अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को हुआ। उनका परिवार प्रत्यक्ष रूप से भले ही फिल्मी दुनिया में सक्रिय न रहा हो, लेकिन उनके पिता अनंतराव पवार का जुड़ाव हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर से माना जाता है। बताया जाता है कि अनंतराव पवार ने मुंबई के प्रतिष्ठित राजकमल स्टूडियो में लंबे समय तक काम किया था। उस दौर में यह स्टूडियो भारतीय सिनेमा की पहचान हुआ करता था और यहीं से कई ऐतिहासिक फिल्मों ने जन्म लिया।
प्रोडक्शन से जुड़े कई अहम काम किए
फिल्म निर्देशक वी. शांताराम के साथ उनके पिता का करीबी रिश्ता था। पर्दे के पीछे रहते हुए उन्होंने तकनीकी और प्रोडक्शन से जुड़े कई अहम काम संभाले। ‘दो आंखें बारह हाथ’ और ‘नवरंग’ जैसी यादगार फिल्मों के निर्माण में उनका योगदान सीधे तौर पर दिखाई न दे, लेकिन इंडस्ट्री के जानकार मानते हैं कि ऐसे लोग ही किसी फिल्म की असली रीढ़ होते हैं। इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि की वजह से अजित पवार के मन में भी सिनेमा के लिए एक खास लगाव बना।
राजनीति में आने के बाद अजित पवार ने कभी फिल्मों में कदम नहीं रखा, लेकिन बतौर प्रशासक उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री को सुविधाएं देने की दिशा में सोच जरूर दिखाई। हाल के वर्षों में महाराष्ट्र में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई स्तरों पर चर्चा हुई, जिसमें एक बड़ा सपना नई फिल्म सिटी का भी था।
नासिक में भी फिल्म सिटी बनवाना चाहते थे अजित (Ajit Pawar Nasik Film City Project)
मुंबई की दादा साहेब फाल्के चित्रनगरी की तर्ज पर नासिक जिले के इगतपुरी क्षेत्र में नई फिल्म सिटी बनाने की योजना इसी सोच का हिस्सा थी। पहाड़ी इलाकों में बनने वाली इस फिल्म सिटी से न सिर्फ शूटिंग के नए विकल्प खुलने थे, बल्कि उत्तरी महाराष्ट्र में रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी। इन बैठकों और योजनाओं में अजित पवार की भूमिका अहम मानी जाती रही।
अजीत पवार की अध्यक्षता में हुई बैठक
इसी प्रोजेक्ट के तहत पिछले साल अक्टूबर में अजित पवार की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान उन्होंने फिल्म सिटी के लिए जमीन को मंजूरी भी दी थी। हालांकि अब फिल्म सिटी का प्रोजक्ट तो प्लानिंग के तहत आगे बढ़ जाएगा लेकिन अजित पवार, जिन्होंने इसमें अहम भूमिका निभाई वो ये देखने के लिए जीवित नहीं होंगे।


