लखीमपुर खीरी में मंगलवार को केंद्रीय बजट 2026–27 पर एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। संसदीय कार्यालय, जिला पंचायत मार्केट में आयोजित इस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ‘टेनी’ ने बजट को संतुलित और दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि इसमें राजकोषीय और राजस्व घाटे के बेहतर प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे आर्थिक सुधार की गति बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। यह पहली बार है जब सरकार कर्ज की तुलना में अधिक राशि इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने जा रही है। इससे बाजार में पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और महंगाई नियंत्रण में सहायता मिलेगी। अजय मिश्र ने विकसित भारत के संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि मानव संसाधन और संस्थागत विकास पर विशेष जोर दिया गया है। बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। विदेशी निवेश को सरल बनाने के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों में संशोधन की तैयारी है।उन्होंने आगे कहा कि अब विदेश में रहने वाले भारतीय भी पोर्टफोलियो निवेश योजना के जरिए सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में निवेश कर सकेंगे। उनकी निवेश सीमा 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत की जाएगी।कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार को मजबूत करने के लिए मार्केट मेकिंग फ्रेमवर्क और टोटल रिटर्न स्वैप का प्रस्ताव रखा गया है। नगर निगम बॉन्ड को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के एकल बॉन्ड पर 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन की घोषणा की गई है। नगर आर्थिक क्षेत्रों के विकास के लिए प्रत्येक चयनित क्षेत्र को पांच वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। साथ ही, चयनित शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना है।केंद्र सरकार का लक्ष्य मार्च 2031 तक बकाया ऋण को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के करीब 50 प्रतिशत तक लाना है। वर्ष 2026–27 में यह 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।


