जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर का एयर पॉल्यूशन 7 साल में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स AQI-308 रिकॉर्ड हुआ। एयर मॉनिटरिंग डेटा के मुताबिक, जनवरी में शहर की एयर क्वालिटी काफी खराब रही है। श्रीनगर का मौजूदा औसत PM2.5 कंसंट्रेशन 115 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है, जो WHO की बताई गई लिमिट से काफी ज्यादा है। इस लेवल पर एक्सपोजर से हेल्थ रिस्क जुड़ा है, जो एक दिन में चार से ज्यादा सिगरेट पीने के बराबर है। 2019 के बाद से 2026 श्रीनगर का सबसे प्रदूषित साल रहा है, जिसका औसत AQI-159 रहा। इसके उलट, 2023 में पिछले सात सालों में सबसे साफ हवा रिकॉर्ड की गई, जिसका औसत AQI-49 रहा। वहीं दिल्ली में एयर क्वालिटी बुधवार को भी बहुत खराब कैटेगरी में रही। शहर का AQI-339 रिकॉर्ड किया गया। जहांगीरपुरी में AQI 390 रहा। शाम को बढ़ता है एयर पॉल्यूशन AQI डेटा के मुताबिक श्रीनगर में रोज शाम को पॉल्यूशन लेवल तेजी से बढ़ता है। सुबह हवा साफ रहती है। शाम को एवरेज AQI-228 तक पहुंच जाता है। पिछले 7 दिनों का AQI यदि देखें तो 100 से ऊपर ही रहा है। वहीं 16 जनवरी को श्रीनगर का AQI सबसे खराब 415 दर्ज किया गया। खराब AQI का हेल्थ पर क्या इम्पैक्ट हो रहा है ? हवा को प्रदूषित करने में पार्टिकुलेट मैटर यानी PM 2.5 और PM 10 जिम्मेदार होते हैं। यही इंसानी शरीर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। 2.5 माइक्रोन या इससे कम साइज के पार्टिकल्स को PM 2.5 कहते हैं। 2.5 से 10 माइक्रोन साइज वाले पार्टिकल्स PM 10 कहलाते हैं। यह इतने छोटे होते हैं, जो हमारे शरीर में मौजूद एल्वियोलर बैरियर पार करके फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं। इसके बाद यह ब्लडस्ट्रीम में शामिल होकर पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। —————————— ये खबर भी पढ़े… सेहतनामा- दिल्ली में सांस लेना रोज 10 सिगरेट पीने जैसा:एयर पॉल्यूशन से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 से ऊपर पहुंच गया है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में AQI लेवल 350 के पार चला गया है। इसका मतलब है कि हवा की गुणवत्ता बहुत खराब है। दिल्ली में तो यह खतरनाक स्तर पर है। इससे सेहत को बहुत नुकसान हो रहे हैं। पूरी खबर पढे़ं…
श्रीनगर में एयर पॉल्यूशन 7 साल में सबसे खराब:सांस लेना 4 सिगरेट पीने जैसा; दिल्ली में AQI 390, यह खतरनाक स्तर पर


