पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी चुनाव लड़ने का बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने हुमायूं कबीर के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा की है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कटिहार में एक प्रेस बयान जारी कर इस गठबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी पश्चिम बंगाल में पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और हुमायूं कबीर के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति को मजबूत करेगी। विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने गठबंधन से इंकार किया
प्रवक्ता हसन ने अपने बयान में बिहार विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर AIMIM ने चुनाव लड़ा था, वहां पार्टी को जनता का भरपूर समर्थन मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं ने AIMIM के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया था, जबकि बाद में राज्यसभा चुनाव के लिए सहयोग की बात सामने आई थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस समय राजद और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पार्टी का साथ नहीं दिया था, जिससे स्थिति जटिल हो गई थी। AIMIM हमेशा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देती
आदिल हसन ने जोर देकर कहा कि AIMIM हमेशा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि जहां भी लोगों को आवश्यकता होती है, पार्टी के प्रमुख नेता असदुद्दीन ओवैसी और बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान स्वयं संज्ञान लेते हैं और सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करें। साथ ही, जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर जनता के बीच पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाएं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM और हुमायूं कबीर का यह गठबंधन बंगाल की चुनावी राजनीति में एक नया समीकरण बना सकता है। इसका असर राज्य की कई विधानसभा सीटों पर देखने को मिल सकता है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी चुनाव लड़ने का बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने हुमायूं कबीर के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा की है। AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने कटिहार में एक प्रेस बयान जारी कर इस गठबंधन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पार्टी पश्चिम बंगाल में पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी और हुमायूं कबीर के साथ मिलकर क्षेत्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति को मजबूत करेगी। विधानसभा चुनाव में आरजेडी ने गठबंधन से इंकार किया
प्रवक्ता हसन ने अपने बयान में बिहार विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन सीटों पर AIMIM ने चुनाव लड़ा था, वहां पार्टी को जनता का भरपूर समर्थन मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं ने AIMIM के साथ गठबंधन से इनकार कर दिया था, जबकि बाद में राज्यसभा चुनाव के लिए सहयोग की बात सामने आई थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस समय राजद और कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पार्टी का साथ नहीं दिया था, जिससे स्थिति जटिल हो गई थी। AIMIM हमेशा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देती
आदिल हसन ने जोर देकर कहा कि AIMIM हमेशा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि जहां भी लोगों को आवश्यकता होती है, पार्टी के प्रमुख नेता असदुद्दीन ओवैसी और बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान स्वयं संज्ञान लेते हैं और सक्रिय भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को मजबूत करें। साथ ही, जमीनी स्तर पर सक्रिय होकर जनता के बीच पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाएं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIMIM और हुमायूं कबीर का यह गठबंधन बंगाल की चुनावी राजनीति में एक नया समीकरण बना सकता है। इसका असर राज्य की कई विधानसभा सीटों पर देखने को मिल सकता है।


