उत्तर प्रदेश में आगामी ज़िला पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। इसी क्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। महाराष्ट्र में मिली हालिया सफलता के बाद, AIMIM अब उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में संगठनात्मक मजबूती और जन समर्थन बढ़ाना है। इसी रणनीति के तहत, संभल की विधानसभा असमोली क्षेत्र के गांव मवाई डोल में AIMIM ने ज़िला पंचायत चुनाव के संबंध में एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया। इस सभा में AIMIM के चीफ़ जनरल सेक्रेटरी शमीम अहमद तुर्क मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। AIMIM के जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला, चौधरी मुशीर अली खान, नगर अध्यक्ष मोहम्मद मेहरान नौशाही तुर्क, हाफ़िज़ मुनव्वर, मास्टर उमर, हाफ़िज़ इस्लाम और ज़िला पंचायत प्रत्याशी सलीम सहित कई पार्टी कार्यकर्ता और उलेमा भी मौजूद थे। वक्ताओं ने पार्टी की ग्रामीण नीतियों और पंचायत स्तर पर AIMIM की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर जनता के विकास और कल्याण की पहलों को आगे बढ़ाना है।
शमीम अहमद तुर्क ने कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक मजबूती बनाए रखने और पंचायत चुनाव में पूरी सक्रियता के साथ भाग लेने की अपील की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर जनता के साथ संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर दिया। संभल और असमोली क्षेत्र में AIMIM अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर रही है। पार्टी ने अपनी नीतियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की है। पार्टी का मानना है कि पंचायत चुनावों में जीत स्थानीय स्तर पर संगठन की मजबूती को प्रदर्शित करेगी, जिसका असर आगामी विधानसभा चुनावों पर भी पड़ेगा। इन तैयारियों से यह स्पष्ट होता है कि AIMIM उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में अपने राजनीतिक प्रभाव को व्यापक बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।


