चेन्नई में बुधवार को AIADMK महासचिव एडपाडी के. पलनीस्वामी ने पार्टी मुख्यालय में चुनावी वादों की दूसरी सूची जारी करते हुए कई बड़े ऐलान किए। इन वादों से अल्पसंख्यक समुदायों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को खास राहत मिलने की उम्मीद जग गई है।
AIADMK की चुनावी घोषणाओं में क्या है खास?
पलनीस्वामी ने स्पष्ट किया कि अगर AIADMK सत्ता में आती है तो वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 2,000 रुपए प्रति माह किया जाएगा। इसके साथ ही चावल राशन कार्डधारकों को हर साल तीन एलपीजी सिलेंडर सब्सिडी दर पर देने का वादा किया गया है। जलीकट्टू आयोजनों के दौरान मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए और घायलों को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का भी भरोसा दिलाया गया है।
छात्रों और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए योजनाएं
AIADMK महासचिव ने छात्रों के शिक्षा ऋण माफ करने की घोषणा की। मुस्लिम और ईसाई महिलाओं को माइक्रो व स्मॉल-स्केल उद्योग स्थापित करने के लिए नया ऋण देने की बात कही गई है। दिव्यांग व्यक्तियों के सहकारी ऋण भी माफ किए जाएंगे। पार्टी ने साफ किया कि ये सभी वादे आगामी चुनावी घोषणा पत्र में शामिल होंगे।
राजनीतिक बयानबाजी और विपक्ष पर निशाना
पलनीस्वामी ने टीवीके के नेता विजय की आलोचना करते हुए कहा कि विजय को तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति की समझ नहीं है और उन्होंने जनता या मीडिया के साथ पर्याप्त संवाद नहीं किया है। साथ ही आरोप लगाया कि अगर विजय AIADMK के दिवंगत नेताओं एमजीआर और जे. जयललिता का सम्मान करते हैं, तो उन्हें पार्टी को भ्रष्ट कहना बंद करना चाहिए।
NDA में AIADMK की भूमिका पर जोर
पलनीस्वामी ने दावा किया कि AIADMK-नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) राज्य में मुख्य विपक्षी गठबंधन है। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन पर “कठपुतली” की तरह शासन करने का आरोप लगाया। साथ ही दोहराया कि राज्य में एनडीए का नेतृत्व AIADMK कर रही है और वे गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा है। पूर्व नेता वी.के. शशिकला की पार्टी में वापसी की संभावना को भी उन्होंने खारिज किया।



