एआई यानी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI – Artificial Intelligence) का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है। दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग काम के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में सभी बड़ी टेक कंपनियों के लिए भी एआई एक अहम प्रोजेक्ट बन चुका है जिस पर तेज़ी से काम किया जा रहा है। पहले चिंता थी कि एआई की वजह से छोटे स्तर की नौकरियों को खतरा हो सकता है, लेकिन अब बड़े पदों पर बैठे लोगों के भी चिंता सताने लगी है।
ज़ुकरबर्ग के लिए बन रहा ‘एजेंट’
फेसबुक (Facebook) की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) के सीईओ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) अपने सीईओ पद के कामकाज में मदद के लिए एक एआई एजेंट तैयार कर रहे हैं। इसकी ट्रेनिंग जारी है। जुकरबर्ग इसके जरिए जल्दी जानकारी हासिल कर पाएंगे, जो पहले कई टीमों के बीच तालमेल बनाकर ही मिल पाती थी।
मेटा एआई असिस्टेंट
जुकरबर्ग के लिए बन रहा यह एआई एजेंट ‘मेटा एआई असिस्टेंट’ नाम से जाना जाएगा, जो लामा 4 मॉडल पर आधारित होगा। इसका मुख्य उद्देश्य जुकरबर्ग को कंपनी से संबंधित रणनीतिक निर्णय लेने, बोर्ड मीटिंग्स की तैयारी, कर्मचारियों के प्रदर्शन विश्लेषण और वैश्विक बाजार ट्रेंड्स की निगरानी में मदद करना है। यह एआई एजेंट नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, मशीन लर्निंग और रीयल-टाइम डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल करके काम करेगा। जुकरबर्ग ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि यह एजेंट उन्हें 20-30% ज़्यादासमय देगा, जिससे वह मेटावर्स और एआई प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर सकेंगे। इस एआई एजेंट की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर भी विशेष प्रोटोकॉल बनाए गए हैं, जिससे कोई डेटा लीक न हो। यह प्रोजेक्ट मेटा के एआई लैब में 500 से ज़्यादा इंजीनियरों की टीम द्वारा चलाया जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम न सिर्फ जुकरबर्ग की कार्यक्षमता बढ़ाएगा, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में सीईओ-एआई सहयोग का नया मॉडल स्थापित करेगा। भविष्य में यह एआई एजेंट मेटा के सभी एक्ज़ीक्यूटिव्स के लिए उपलब्ध हो सकता है, जिससे कंपनी की उत्पादकता में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
‘सेकेंड बेन’ मेटा के डेटा को करेगा व्यवस्थित
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मेटा ‘सेकेंड ब्रेन’ नाम का टूल भी विकसित कर रही है। यह टूल कंपनी के दस्तावेजों और प्रोजेक्ट से जुड़े डेटा को सर्च और व्यवस्थित करने में मदद करेगा और इसका इस्तेमाल कंपनी के अंदर पहले से ही बढ़ने लगा है।


