Ahmedabad: सीएनजी फिर हुई महंगी, प्रति किलो 1.50 रुपए की वृद्धि

Ahmedabad: सीएनजी फिर हुई महंगी, प्रति किलो 1.50 रुपए की वृद्धि

Ahmedabad. ईरान-इजराइल-अमरीका के बीच जारी युद्ध का असर अब सीएनजी पर भी पड़ने लगा है। अहमदाबाद शहर में सीएनजी के दामों में एक बार फिर इजाफा हुआ है। अदानी टोटल गैस लिमिटेड ने सीएनजी पर 1.50 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद अब सीएनजी की नई कीमत 83.77 रुपए प्रति किलो हो गई है।यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब एक अप्रेल से ही पेट्रोल-डीजल और जरूरी वस्तुओं के दामों में वृद्धि देखने को मिल रही है। ऐसे में अब सीएनजी की कीमत भी बढ़ गई है।

राहत के बाद फिर बढ़े दाम

सूत्रों के तहत 1 जनवरी 2026 को कंपनी ने 1.21 रुपए प्रति किलो की कटौती कर थोड़ी राहत दी थी, लेकिन इसके बाद फिर कीमतों में लगातार बढ़ोतरी शुरू हो गई।7 फरवरी को ₹0.50 की बढ़ोतरी हुई, कीमत 82.27 रुपए हुई थी। अब फिर 2 अप्रेल को 1.50 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। यानि कटौती के बाद अब तक कुल मिलाकर करीब 2.60 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है।

पिछले वर्षों में भी बढ़ती रही कीमतें

सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी का सिलसिला नया नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में भी कई बार कीमतें बढ़ाई गईं हैं। जुलाई 2023 में तीन बार बढ़ोतरी की गई। अगस्त और अक्टूबर 2023 में भी इजाफा किया गया। फरवरी 2024 में ₹1 की बढ़ोतरी, दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में भी दाम बढ़े थे। साल 2025 में चार बार बढ़ोतरी की गई, जिससे कुल ₹3.40 की वृद्धि हुई थी।

ऑटो चालक परेशान, किराए वृद्धि की उठाई मांग

अहमदाबाद रिक्शा चालक एकता यूनियन के अध्यक्ष विजय मकवाणा ने कहा कि अदानी ने एक साथ सीएनजी की कीमत में प्रति किलो डेढ़ रुपए की वृद्धि की है। महंगाई से ऑटो चालक पहले से ही परेशान हैं। अलग-अलग नीति-नियम आते रहते हैं, वह अलग। तीन साल से किराया नहीं बढ़ा है। हमारी मांग है कि या तो सरकार ऑटो का किराया बढ़ाए या फिर सीएनजी कीमत वृद्धि वापस ले। अहमदाबाद शहर में दो से ढाई लाख ऑटो हैं।

घर चलाना हुआ मुश्किल

ऑटो रिक्शा चालक वेल्फेयर एसोसिएशन अहमदाबाद के अध्यक्ष राज शिरके ने कहा कि यह वृद्धि वापस लेनी चाहिए। ऑटो चालकों की हालत खराब है। सफेद नंबर वाले टू व्हीलर भी टैक्सी में चल रहे हैं। जबकि ऑटो, कार को 18 फीसदी कॉमर्शियल टैक्सी के लिए टैक्स देना पड़ता है, बीमा लेना पड़ता है। पासिंग, फिटनेस भी लेना पड़ता है। दुपहिया वाहन में ऐसा कोई नियम नहीं है। ऐसे में हमारी रोजी प्रभावित हो रही है। भारत टैक्सी से राहत की उम्मीद थी, लेकिन नतीजा खास अच्छे नहीं हैं।

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