सुपौल में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जिलास्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला सह प्रदर्शनी का भव्य आयोजन कृषि भवन परिसर में किया गया। दो दिवसीय इस मेले का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के साथ ही मेले में किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों ने उनका ध्यान आकर्षित किया। मेले में ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, पावर टिलर सहित कई अत्याधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। किसानों ने न केवल इन यंत्रों को करीब से देखा, बल्कि विशेषज्ञों से इनके उपयोग और लाभ के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। यह मेला किसानों के लिए नई तकनीकों को समझने और अपनाने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई तकनीकों को अपनाने की अपील कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम सावन कुमार ने कहा कि खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई तकनीकों को अपनाएं। साथ ही उन्होंने मिट्टी की नियमित जांच कराने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होगा। इस अवसर पर कृषि पदाधिकारी ने उर्वरक प्रबंधन, संतुलित खेती और मिट्टी परीक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आश्वस्त किया कि कृषि विभाग किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। जिला पदाधिकारी द्वारा दो किसानों को ट्रैक्टर भी वितरित किए गए कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा दो किसानों को ट्रैक्टर भी वितरित किए गए, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कुल मिलाकर यह मेला किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और प्रोत्साहन का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है। सुपौल में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए जिलास्तरीय कृषि यांत्रिकरण मेला सह प्रदर्शनी का भव्य आयोजन कृषि भवन परिसर में किया गया। दो दिवसीय इस मेले का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के साथ ही मेले में किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों ने उनका ध्यान आकर्षित किया। मेले में ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, पावर टिलर सहित कई अत्याधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। किसानों ने न केवल इन यंत्रों को करीब से देखा, बल्कि विशेषज्ञों से इनके उपयोग और लाभ के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। यह मेला किसानों के लिए नई तकनीकों को समझने और अपनाने का एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है। पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई तकनीकों को अपनाने की अपील कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम सावन कुमार ने कहा कि खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई तकनीकों को अपनाएं। साथ ही उन्होंने मिट्टी की नियमित जांच कराने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार होगा। इस अवसर पर कृषि पदाधिकारी ने उर्वरक प्रबंधन, संतुलित खेती और मिट्टी परीक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने आश्वस्त किया कि कृषि विभाग किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा ताकि वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। जिला पदाधिकारी द्वारा दो किसानों को ट्रैक्टर भी वितरित किए गए कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा दो किसानों को ट्रैक्टर भी वितरित किए गए, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कुल मिलाकर यह मेला किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और प्रोत्साहन का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है।


