कृषि विभाग ने सहरसा के किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 से 29 मार्च तक जिले में अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस अवधि में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, हालांकि 27 मार्च से हल्की वर्षा (4 से 6 मिमी) के संकेत हैं। सुबह की आर्द्रता 70 प्रतिशत कृषि अनुसंधान संस्थान के नोडल अधिकारी डॉ. डी.के. चौधरी ने बताया कि पूर्वानुमान के अनुसार हवा की गति 6 से 12 किमी प्रति घंटा के बीच पूर्वी दिशा में चलने का अनुमान है। सुबह की आर्द्रता 70 प्रतिशत और दोपहर की आर्द्रता 20 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। विशेष रूप से 28 और 29 मार्च को गरज, चमक, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है, जिससे फसलों और बागवानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि परिपक्व गेहूं की कटाई समय पर करें और भंडारण से पहले दानों में नमी 12 प्रतिशत तक सुनिश्चित करें। मक्का की फसल में सिंचाई और मिट्टी चढ़ाने का कार्य करें। फॉल आर्मी वर्म के प्रकोप की स्थिति में लेम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन 5 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। सरसों की कटाई तभी करें जब फली पूरी तरह भूरी हो जाए। बदलते मौसम के साथ पशुओं की देखभाल जरूरी लीची और आम के बागों में फल झड़ने से बचाने के लिए प्लेनोफिक्स का छिड़काव करने की सलाह दी गई है, जिससे उत्पादन बेहतर होने की संभावना है। मखाना की खेती करने वाले किसान खेत में पानी का स्तर नियंत्रित रखें ताकि खरपतवार न बढ़ें। बदलते मौसम को देखते हुए पशुओं की विशेष देखभाल जरूरी है। पशुशाला को साफ-सुथरा रखें और पशुओं को दिन में कई बार स्वच्छ पानी पिलाएं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी अपडेट के लिए ‘मेघदूत’ और ‘दामिनी’ ऐप का उपयोग करें। जारी की गई सलाह का समय-समय पर पालन करें, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके। कृषि विभाग ने सहरसा के किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि परामर्श जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 से 29 मार्च तक जिले में अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस अवधि में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, हालांकि 27 मार्च से हल्की वर्षा (4 से 6 मिमी) के संकेत हैं। सुबह की आर्द्रता 70 प्रतिशत कृषि अनुसंधान संस्थान के नोडल अधिकारी डॉ. डी.के. चौधरी ने बताया कि पूर्वानुमान के अनुसार हवा की गति 6 से 12 किमी प्रति घंटा के बीच पूर्वी दिशा में चलने का अनुमान है। सुबह की आर्द्रता 70 प्रतिशत और दोपहर की आर्द्रता 20 प्रतिशत के आसपास रह सकती है। विशेष रूप से 28 और 29 मार्च को गरज, चमक, तेज हवाओं और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है, जिससे फसलों और बागवानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि परिपक्व गेहूं की कटाई समय पर करें और भंडारण से पहले दानों में नमी 12 प्रतिशत तक सुनिश्चित करें। मक्का की फसल में सिंचाई और मिट्टी चढ़ाने का कार्य करें। फॉल आर्मी वर्म के प्रकोप की स्थिति में लेम्ब्डा-साइहैलोथ्रिन 5 मिली प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। सरसों की कटाई तभी करें जब फली पूरी तरह भूरी हो जाए। बदलते मौसम के साथ पशुओं की देखभाल जरूरी लीची और आम के बागों में फल झड़ने से बचाने के लिए प्लेनोफिक्स का छिड़काव करने की सलाह दी गई है, जिससे उत्पादन बेहतर होने की संभावना है। मखाना की खेती करने वाले किसान खेत में पानी का स्तर नियंत्रित रखें ताकि खरपतवार न बढ़ें। बदलते मौसम को देखते हुए पशुओं की विशेष देखभाल जरूरी है। पशुशाला को साफ-सुथरा रखें और पशुओं को दिन में कई बार स्वच्छ पानी पिलाएं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी अपडेट के लिए ‘मेघदूत’ और ‘दामिनी’ ऐप का उपयोग करें। जारी की गई सलाह का समय-समय पर पालन करें, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।


