कटिहार में एग्री स्टैक अभियान तेज:किसानों की फार्मर आईडी बनाने को पंचायतों में लगेगा विशेष कैंप

कटिहार में एग्री स्टैक अभियान तेज:किसानों की फार्मर आईडी बनाने को पंचायतों में लगेगा विशेष कैंप

कटिहार में एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस परियोजना का लक्ष्य किसानों की फार्मर आईडी तैयार करना है, जिसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। विकास भवन स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने दीप प्रज्वलन कर किया। इसमें उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सहित जिले के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी, कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक और किसान सलाहकार भी शामिल हुए। जिला कृषि पदाधिकारी ने एग्री स्टैक परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। कैंप में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मी भी शामिल होंगे बिहार सरकार के कृषि विभाग के प्रधान सचिव के निर्देशानुसार, फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों के माध्यम से किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाएगी। प्रत्येक पंचायत में दो चरणों में कैंप लगेंगे, जिनमें कृषि विभाग के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मी भी शामिल होंगे। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने सभी राजस्व एवं कृषि कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 06 से 09 जनवरी 2026 तक और द्वितीय चरण में 18 से 21 जनवरी 2026 तक जिले की सभी पंचायतों में कैंप आयोजित कर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा किया जाएगा। अभियान के माध्यम से किसानों का करना है डिजिटल रजिस्ट्रेशन उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री के दौरान सामने आने वाले भूमि संबंधी दावों एवं विवादों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। जिला प्रशासन का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से जिले के सभी किसानों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ सुगमता से मिल सके। एग्री स्टैक परियोजना से किसानों की पहचान, भूमि विवरण और कृषि संबंधी आंकड़ों का सटीक संकलन संभव हो सकेगा, जो भविष्य में कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। कटिहार में एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस परियोजना का लक्ष्य किसानों की फार्मर आईडी तैयार करना है, जिसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। विकास भवन स्थित सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने दीप प्रज्वलन कर किया। इसमें उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी सहित जिले के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण में भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, राजस्व कर्मचारी, कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक और किसान सलाहकार भी शामिल हुए। जिला कृषि पदाधिकारी ने एग्री स्टैक परियोजना की विस्तृत जानकारी दी। कैंप में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मी भी शामिल होंगे बिहार सरकार के कृषि विभाग के प्रधान सचिव के निर्देशानुसार, फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों के माध्यम से किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाएगी। प्रत्येक पंचायत में दो चरणों में कैंप लगेंगे, जिनमें कृषि विभाग के साथ-साथ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मी भी शामिल होंगे। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने सभी राजस्व एवं कृषि कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 06 से 09 जनवरी 2026 तक और द्वितीय चरण में 18 से 21 जनवरी 2026 तक जिले की सभी पंचायतों में कैंप आयोजित कर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा किया जाएगा। अभियान के माध्यम से किसानों का करना है डिजिटल रजिस्ट्रेशन उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री के दौरान सामने आने वाले भूमि संबंधी दावों एवं विवादों का समय पर समाधान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। जिला प्रशासन का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से जिले के सभी किसानों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ सुगमता से मिल सके। एग्री स्टैक परियोजना से किसानों की पहचान, भूमि विवरण और कृषि संबंधी आंकड़ों का सटीक संकलन संभव हो सकेगा, जो भविष्य में कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।  

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