आर्य समाज में होने वाली शादियों पर बोले अग्निवेश:कई संस्थाएं फर्जी बना रही प्रमाण पत्र, कार्रवाई करेंगे, यहां हवन, सप्तपदी का नियम

आर्य समाज में होने वाली शादियों पर बोले अग्निवेश:कई संस्थाएं फर्जी बना रही प्रमाण पत्र, कार्रवाई करेंगे, यहां हवन, सप्तपदी का नियम

आर्य समाज में होने वाली शादियों को लेकर कई बार विरोध की खबरें भी सामने आती है, कई बार फर्जी प्रमाण पत्रों के मामले भी सामने आते हैं। इसको लेकर आर्य समाज के स्वामी आर्यवेश ने बताया कि विवाह प्रमाण पत्र केवल वही इकाई जारी कर सकती है, जिसे संबंधित प्रांत की आर्य प्रतिनिधि सभा से विधिवत मान्यता प्राप्त हो। यदि किसी मान्यता प्राप्त इकाई से तकनीकी त्रुटि हो जाए तो उसकी जांच की जाती है, लेकिन अनाधिकृत संस्थाओं द्वारा लेटरहेड छपवाकर विवाह कराना और प्रमाण पत्र देना पूरी तरह अवैध है।
उन्होंने कहा कि सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा का पंजीकरण लगभग 115 वर्ष पूर्व हो चुका है और संविधान के अनुसार इसकी प्राथमिक इकाई का नाम आर्य समाज ही होगा। ऐसे में अन्य संस्थाओं द्वारा उसी नाम से पंजीकरण कर विवाह कराना सोसाइटी एक्ट का उल्लंघन है।
सभा का स्पष्ट मत है कि फर्जी संस्थाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई, एफआईआर दर्ज कराने तथा रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण निरस्त कराने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज में होने वाली शादी नियमों के तहत होती है। जहां हवन, सप्तपदी आदि होती है। यहां से शादी करने वाले को आर्य समाज के नियमों का पालन करने को एक संकल्प पत्र भी भरवाया जाता है, लेकिन कई लोग इन संकल्प को नहीं मानते हैं ये गलत है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्य समाज जातियों के खिलाफ नहीं है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *