कारगिल में अग्निवीर जवान की मौत, 3 घायल:पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरा, मलबे में दबने से गई जान

कारगिल में अग्निवीर जवान की मौत, 3 घायल:पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर गिरा, मलबे में दबने से गई जान

पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड के नवलपुर गांव निवासी अग्निवीर जवान मनीष कुमार (24) की कारगिल में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 13 मार्च को पहाड़ी इलाके में ड्यूटी के दौरान अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे मनीष कुमार समेत चार जवान मलबे में दब गए। इस हादसे में मनीष कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है। मनीष कुमार अक्टूबर 2023 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे और वर्तमान में कारगिल में तैनात थे। उनके शहीद होने की खबर जैसे ही नवलपुर गांव पहुंची, मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने बताया कि मनीष परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनका पार्थिव शरीर सोमवार सुबह गांव लाया गया, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के पिता मोहन प्रसाद ने सेमरी के चांदनी चौक पर शहीद पार्क बनाने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। गांव की तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरी घटना…. बेतिया के योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत नवलपुर गांव निवासी अग्निवीर मनीष कुमार की कारगिल में ड्यूटी के दौरान एक एक्सीडेंट में मौत हो गई। यह घटना 13 मार्च को हुई बताई जा रही है। मनीष कुमार अक्टूबर 2023 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे और उनकी तैनाती कारगिल के पहाड़ी इलाके में थी। उनके साथ 18 और जवान तैनात थे। पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर 4 जवानों पर गिरा जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान मनीष कुमार अपने तीन अन्य साथियों के साथ पहाड़ी इलाके में मौजूद थे। अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर उन पर आ गिरा, जिससे चारों जवान मलबे में दब गए। इस हादसे में मनीष कुमार की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं, मृतक के पिता अपने दुकान पर रेडियों बनाते हैं। एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे मनीष मनीष कुमार के शहीद होने की खबर नवलपुर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक छा गया। परिजनों का कहना है कि मनीष परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उन पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। मनीष कुमार के पांच भाई और एक बहन है। शहीद तीसरा नंबर पर था। मृतक मनीष 2022 में बेतिया के महा रानी जानकी कुंवर महाविद्यालय में NNC का स्टूडेंट रहा हैं। मृतक के पिता मोहन प्रसाद ने सेमरी के चांदनी चौक पर मनीष कुमार के नाम से शहीद पार्क बनाने की मांग की है। उन्होंने बिहार सरकार से 50 लाख रुपए मुआवजा राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी अपील की है। पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड के नवलपुर गांव निवासी अग्निवीर जवान मनीष कुमार (24) की कारगिल में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। बताया जा रहा है कि 13 मार्च को पहाड़ी इलाके में ड्यूटी के दौरान अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे मनीष कुमार समेत चार जवान मलबे में दब गए। इस हादसे में मनीष कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका सेना के अस्पताल में इलाज चल रहा है। मनीष कुमार अक्टूबर 2023 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे और वर्तमान में कारगिल में तैनात थे। उनके शहीद होने की खबर जैसे ही नवलपुर गांव पहुंची, मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों ने बताया कि मनीष परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनका पार्थिव शरीर सोमवार सुबह गांव लाया गया, जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के पिता मोहन प्रसाद ने सेमरी के चांदनी चौक पर शहीद पार्क बनाने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। गांव की तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरी घटना…. बेतिया के योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत नवलपुर गांव निवासी अग्निवीर मनीष कुमार की कारगिल में ड्यूटी के दौरान एक एक्सीडेंट में मौत हो गई। यह घटना 13 मार्च को हुई बताई जा रही है। मनीष कुमार अक्टूबर 2023 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे और उनकी तैनाती कारगिल के पहाड़ी इलाके में थी। उनके साथ 18 और जवान तैनात थे। पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर 4 जवानों पर गिरा जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान मनीष कुमार अपने तीन अन्य साथियों के साथ पहाड़ी इलाके में मौजूद थे। अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर उन पर आ गिरा, जिससे चारों जवान मलबे में दब गए। इस हादसे में मनीष कुमार की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनके तीन साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं, मृतक के पिता अपने दुकान पर रेडियों बनाते हैं। एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे मनीष मनीष कुमार के शहीद होने की खबर नवलपुर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक छा गया। परिजनों का कहना है कि मनीष परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे और उन पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। मनीष कुमार के पांच भाई और एक बहन है। शहीद तीसरा नंबर पर था। मृतक मनीष 2022 में बेतिया के महा रानी जानकी कुंवर महाविद्यालय में NNC का स्टूडेंट रहा हैं। मृतक के पिता मोहन प्रसाद ने सेमरी के चांदनी चौक पर मनीष कुमार के नाम से शहीद पार्क बनाने की मांग की है। उन्होंने बिहार सरकार से 50 लाख रुपए मुआवजा राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी अपील की है।  

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