यमुनानगर में मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र नेपाल राणा के कार्यक्रम के दौरान गांव ऊँचा चादना में हुई बैठक से जुड़ा विवाद अब पूरी तरह कानूनी लड़ाई में बदल गया है। पहले जहां दौलतपुर (मालियान) की सरपंच पिंकी रानी की शिकायत पर हरियाणा राज्य आजीविका मिशन के खंड कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र राणा समेत सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। वहीं करीब दो माह बाद अब देवेंद्र राणा की शिकायत पर पुलिस ने सरपंच पिंकी रानी के खिलाफ भी सरकारी कर्मचारी से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस प्रकार एक ही घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों के बीच दर्ज मामलों ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। मीटिंग में रास्ता रोका, मारपीट और धमकी का आरोप गांव नाचरौन निवासी देवेंद्र राणा ने थाना छप्पर में दी लिखित शिकायत में बताया कि वह हरियाणा राज्य आजीविका मिशन, जिला यमुनानगर में खंड कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं और उनका विभाग जिला परिषद के अधीन आता है। उन्होंने बताया कि 11 दिसंबर 2025 को गांव ऊँचा चादना में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र नेपाल राणा के कार्यक्रम के दौरान नव निर्माण महिला क्लस्टर लेवल भवन निर्माण से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना था, जिसके लिए जिला कार्यक्रम प्रबंधक से पूर्व अनुमति ली गई थी। शिकायत के अनुसार, सुबह करीब 11:30 बजे मीटिंग के दौरान गांव दौलतपुर की सरपंच पिंकी रानी ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और सरकारी कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया। देवेंद्र राणा ने पुलिस से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस थाना छप्पर पुलिस ने जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 115(2), 126(2) और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया। मामला ASI जुल्फकार अली की मौजूदगी में रजिस्टर हुआ और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। इससे पहले सरपंच की शिकायत: गला घोटने की कोशिश, जातिसूचक शब्द और थाने में मारपीट के आरोप इस विवाद की शुरुआत सरपंच पिंकी रानी की शिकायत से हुई थी। उन्होंने बताया था कि 11 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे गांव ऊँचा चादना में महिला मोर्चा की बैठक चल रही थी, जहां देवेंद्र राणा बिना बुलाए पहुंचे और महिलाओं पर समूह के पैसों के दुरुपयोग के आरोप लगाने लगे। विरोध करने पर सरपंच का आरोप था कि देवेंद्र राणा ने गालियां दीं, जातिसूचक शब्द बोले, गला पकड़कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। थाने में भी मारपीट का आरोप पिंकी रानी के अनुसार, वह बचाव के लिए थाना छप्पर पहुंचीं, लेकिन कुछ समय बाद देवेंद्र राणा अन्य महिलाओं के साथ वहां भी पहुंच गया और कथित रूप से फिर मारपीट की गई। आरोप है कि उनका गला पकड़ा गया, थप्पड़-मुक्के मारे गए और जातिसूचक शब्द बोले गए। इस मामले में देवेंद्र राणा के साथ हरजीत कौर, रोमा, सुषमा, सुमन, प्रदीन सैनी और ममतेश को भी आरोपी बनाया गया। सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने दंगा, मारपीट, धमकी और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। एक्ट लागू होने के कारण जांच उच्च अधिकारी स्तर से कराए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अब आमने-सामने दोनों पक्ष, जांच के बाद साफ होगी सच्चाई करीब दो महीने बाद देवेंद्र राणा की शिकायत पर सरपंच पिंकी रानी के खिलाफ केस दर्ज होने से मामला पूरी तरह दोतरफा कानूनी संघर्ष बन गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मारपीट, धमकी और अपमानजनक व्यवहार के गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों मुकदमों की जांच गवाहों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष रूप से की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।


