लगातार दो हार के बाद रांची रॉयल्स की मुश्किलें बढ़ीं, अब रांची की फाइनल में एंट्री बंगाल की हार पर निर्भर

लगातार दो हार के बाद रांची रॉयल्स की मुश्किलें बढ़ीं, अब रांची की फाइनल में एंट्री बंगाल की हार पर निर्भर

वीमेंस हॉकी इंडिया लीग के दूसरे सीजन में जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब ने लीग से बाहर होने के बाद अंतत: जीत का स्वाद चख लिया। सोमवार को मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सूरमा ने रांची रॉयल्स को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। सूरमा की ओर से पेनी स्क्विब और ओलिविया शैनन ने अहम गोल दागे, जबकि रांची रॉयल्स के लिए अगोस्तिना अलोंसो ने बराबरी का गोल किया। मैच की शुरुआत सूरमा हॉकी क्लब ने बेहद आक्रामकता से की। पहले ही मिनट में टीम ने लगातार दो पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। दूसरे प्रयास में ऑस्ट्रेलियाई ड्रैग फ्लिकर पेनी स्क्विब (1’) ने सटीक फ्लिक लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद सूरमा का आत्मविश्वास साफ नजर आया। चौथे मिनट में पेनी स्क्विब ने डिफेंस में भी योगदान देते हुए गोल लाइन क्लीयरेंस कर रांची को बराबरी से रोक दिया। सोमवार को मिली करारी हार के बाद रांची रॉयल्स की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। मात्र 6 अंक के साथ रांची रॉयल्स तीसरे स्थान पर है। फाइनल में जगह बना पाना अब रॉयल्स के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं है। चमत्कार तब ही संभव है, जब रांची रॉयल्स अपना बचा हुआ एक मैच जीतती है। लेकिन सिर्फ यह जीत काफी नहीं होगी, इसके बाद बंगाल टाइगर्स को अपने दोनों मुकाबले हारने होंगे। अगर बंगाल एक भी मैच जीत जाती है तो दिल्ली के साथ बंगाल का फाइनल खेलना पक्का हो जाएगा। इस मुकाबले का निर्णायक मोड़ तीसरे क्वार्टर के बीच देखने को मिला, जब रांची रॉयल्स ने लगातार दबाव के बाद 35वें मिनट में अगोस्तिना अलोंसो के गोल से स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। इस गोल के बाद लगा कि मैच का रुख रांची की ओर जा सकता है, क्योंकि घरेलू दर्शकों का समर्थन और मिड फील्ड कंट्रोल दोनों उनके पक्ष में आ रहे थे। लेकिन यहीं सूरमा हॉकी क्लब ने मैच्योरिटी दिखाई। बराबरी के महज चार मिनट बाद मिले पेनाल्टी स्ट्रोक को ओलिविया शैनन ने आत्मविश्वास के साथ गोल में बदल कर रांची की लय तोड़ दी। यह गोल न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर बढ़त बना गया, बल्कि मानसिक बढ़त भी सूरमा के पक्ष में ले गया। इसके बाद सूरमा ने लो-ब्लॉक डिफेंस अपनाते हुए लाइनों के बीच की जगह बंद कर दी। वहीं रांची रॉयल्स को कई सर्कल एंट्री और मौके मिलने के बावजूद फिनिशिंग में धार की कमी खली, जो अंततः हार की बड़ी वजह बनी। विजय शंकर सिंह, महासचिव, हॉकी झारखंड रांची रॉयल्स ने शुरुआती झटके से उबरने की कोशिश की, लेकिन पहले क्वार्टर में टीम दो बार ही सर्कल में प्रवेश कर सकी। सूरमा का डिफेंस कॉम्पैक्ट रहा और मिड फील्ड में प्रेसिंग के जरिए रांची के अटैक को सीमित कर दिया। इस क्वार्टर में सूरमा ने टेम्पो कंट्रोल करते हुए बढ़त बनाए रखी। दूसरे क्वार्टर में रांची का दबाव, लेकिन नतीजा नहीं: दूसरे क्वार्टर में रांची रॉयल्स ने वापसी के संकेत दिए। टीम ने 11 सर्कल एंट्री और 3 पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। लगातार अटैक के बावजूद सूरमा की बैकलाइन संगठित रही। लो-ब्लॉक डिफेंस और सही पोजिशनिंग के चलते रांची के से सूरमा के पक्ष में रहा। फॉरवर्ड्स को क्लियर शॉट्स नहीं मिल सके। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 तीसरे क्वार्टर में रांची रॉयल्स का दबाव आखिरकार रंग लाया। हन्ना कॉटर ने शानदार ड्रिब्लिंग करते हुए सूरमा के डिफेंस को भेदा और अगोस्तिना अलोंसो (35’) को पास दिया, जिन्होंने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। चार मिनट बाद ही सूरमा को पेनाल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे ओलिविया शैनन (39’) ने गोल में बदलते हुए टीम को फिर से बढ़त दिला दी। अंतिम क्वार्टर में आखिरी 15 मिनट में रांची रॉयल्स ने मुकाबले में बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी। रांची ने सूरमा को अपने ही हाफ में कैद कर दिया और अंतिम क्वार्टर में 11 बार सर्कल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब ने वीमेंस हीरो हॉकी इंडिया लीग 2025-26 में अपना खाता खोला। वहीं इस परिणाम के बाद एसजी पाइपर्स ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सूरमा के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही, जबकि रांची रॉयल्स को एक बार फिर बेहतर मौके मिलने के बावजूद फिनिशिंग में चूक भारी पड़ी। वीमेंस हॉकी इंडिया लीग के दूसरे सीजन में जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब ने लीग से बाहर होने के बाद अंतत: जीत का स्वाद चख लिया। सोमवार को मरांग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में सूरमा ने रांची रॉयल्स को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। सूरमा की ओर से पेनी स्क्विब और ओलिविया शैनन ने अहम गोल दागे, जबकि रांची रॉयल्स के लिए अगोस्तिना अलोंसो ने बराबरी का गोल किया। मैच की शुरुआत सूरमा हॉकी क्लब ने बेहद आक्रामकता से की। पहले ही मिनट में टीम ने लगातार दो पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। दूसरे प्रयास में ऑस्ट्रेलियाई ड्रैग फ्लिकर पेनी स्क्विब (1’) ने सटीक फ्लिक लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद सूरमा का आत्मविश्वास साफ नजर आया। चौथे मिनट में पेनी स्क्विब ने डिफेंस में भी योगदान देते हुए गोल लाइन क्लीयरेंस कर रांची को बराबरी से रोक दिया। सोमवार को मिली करारी हार के बाद रांची रॉयल्स की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। मात्र 6 अंक के साथ रांची रॉयल्स तीसरे स्थान पर है। फाइनल में जगह बना पाना अब रॉयल्स के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं है। चमत्कार तब ही संभव है, जब रांची रॉयल्स अपना बचा हुआ एक मैच जीतती है। लेकिन सिर्फ यह जीत काफी नहीं होगी, इसके बाद बंगाल टाइगर्स को अपने दोनों मुकाबले हारने होंगे। अगर बंगाल एक भी मैच जीत जाती है तो दिल्ली के साथ बंगाल का फाइनल खेलना पक्का हो जाएगा। इस मुकाबले का निर्णायक मोड़ तीसरे क्वार्टर के बीच देखने को मिला, जब रांची रॉयल्स ने लगातार दबाव के बाद 35वें मिनट में अगोस्तिना अलोंसो के गोल से स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। इस गोल के बाद लगा कि मैच का रुख रांची की ओर जा सकता है, क्योंकि घरेलू दर्शकों का समर्थन और मिड फील्ड कंट्रोल दोनों उनके पक्ष में आ रहे थे। लेकिन यहीं सूरमा हॉकी क्लब ने मैच्योरिटी दिखाई। बराबरी के महज चार मिनट बाद मिले पेनाल्टी स्ट्रोक को ओलिविया शैनन ने आत्मविश्वास के साथ गोल में बदल कर रांची की लय तोड़ दी। यह गोल न सिर्फ स्कोरबोर्ड पर बढ़त बना गया, बल्कि मानसिक बढ़त भी सूरमा के पक्ष में ले गया। इसके बाद सूरमा ने लो-ब्लॉक डिफेंस अपनाते हुए लाइनों के बीच की जगह बंद कर दी। वहीं रांची रॉयल्स को कई सर्कल एंट्री और मौके मिलने के बावजूद फिनिशिंग में धार की कमी खली, जो अंततः हार की बड़ी वजह बनी। विजय शंकर सिंह, महासचिव, हॉकी झारखंड रांची रॉयल्स ने शुरुआती झटके से उबरने की कोशिश की, लेकिन पहले क्वार्टर में टीम दो बार ही सर्कल में प्रवेश कर सकी। सूरमा का डिफेंस कॉम्पैक्ट रहा और मिड फील्ड में प्रेसिंग के जरिए रांची के अटैक को सीमित कर दिया। इस क्वार्टर में सूरमा ने टेम्पो कंट्रोल करते हुए बढ़त बनाए रखी। दूसरे क्वार्टर में रांची का दबाव, लेकिन नतीजा नहीं: दूसरे क्वार्टर में रांची रॉयल्स ने वापसी के संकेत दिए। टीम ने 11 सर्कल एंट्री और 3 पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किए। लगातार अटैक के बावजूद सूरमा की बैकलाइन संगठित रही। लो-ब्लॉक डिफेंस और सही पोजिशनिंग के चलते रांची के से सूरमा के पक्ष में रहा। फॉरवर्ड्स को क्लियर शॉट्स नहीं मिल सके। हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 तीसरे क्वार्टर में रांची रॉयल्स का दबाव आखिरकार रंग लाया। हन्ना कॉटर ने शानदार ड्रिब्लिंग करते हुए सूरमा के डिफेंस को भेदा और अगोस्तिना अलोंसो (35’) को पास दिया, जिन्होंने गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। चार मिनट बाद ही सूरमा को पेनाल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे ओलिविया शैनन (39’) ने गोल में बदलते हुए टीम को फिर से बढ़त दिला दी। अंतिम क्वार्टर में आखिरी 15 मिनट में रांची रॉयल्स ने मुकाबले में बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी। रांची ने सूरमा को अपने ही हाफ में कैद कर दिया और अंतिम क्वार्टर में 11 बार सर्कल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब ने वीमेंस हीरो हॉकी इंडिया लीग 2025-26 में अपना खाता खोला। वहीं इस परिणाम के बाद एसजी पाइपर्स ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सूरमा के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही, जबकि रांची रॉयल्स को एक बार फिर बेहतर मौके मिलने के बावजूद फिनिशिंग में चूक भारी पड़ी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *