ट्रंप की धमकी के बाद कनाडा को आई भारत की याद, कह दी ऐसी बात कि चीन को भी लगेगा तगड़ा झटका!

ट्रंप की धमकी के बाद कनाडा को आई भारत की याद, कह दी ऐसी बात कि चीन को भी लगेगा तगड़ा झटका!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा को कड़ी धमकी दी है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर कनाडा चीन के साथ कोई व्यापार समझौता करता है, तो अमेरिका तुरंत कनाडा से आने वाले सभी सामानों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देगा। इस धमकी के बाद कनाडा ने भारत की ओर अपना रुख किया है।

दरअसल, कनाडा के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री टिम हॉजसन गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में शामिल होने के लिए मेहमान के तौर पर भारत आए हैं।

उन्होंने मंगलवार को कहा कि भारत दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा बाजारों में से एक के रूप में उभर रहा है। इस दौरान हॉजसन ने जोर देकर कहा कि वैश्विक मांग बढ़ने के साथ कनाडा को भारत के साथ ऊर्जा व्यापार को और गहरा करने की जरूरत है।

कनाडा के मंत्री ने क्या कहा?

हॉजसन ने एक्स पोस्ट में कहा- अगर कनाडा एक ऊर्जा महाशक्ति बनना चाहता है, तो हमें अपनी ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों का व्यापार दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा बाजारों में से एक भारत के साथ करना होगा।

भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों पर जोर देते हुए कनाडाई मंत्री ने कहा कि भारत में पारंपरिक और स्वच्छ ऊर्जा दोनों की मांग अगले दशक में चीन और अन्य देशों से अधिक होने वाली है।

उन्होंने कहा कि यह कनाडा के लिए एक बड़ा अवसर है, जो अमेरिका के अलावा अन्य देशों में अपने निर्यात का विस्तार करना चाहता है। हॉजसन ने कहा- हमें अब भारतीय बाजार के साथ जुड़ने की जरूरत है।

भारत के लिए क्या-क्या तैयार कर रहा कनाडा?

हॉजसन ने यह भी कहा कि कनाडा खुद को भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस, स्वच्छ ऊर्जा, यूरेनियम और महत्वपूर्ण खनिज की आपूर्ति करने के लिए तैयार कर रहा है।

गोवा और दिल्ली की अपनी यात्रा के दौरान हॉजसन ने यह भी कहा कि वह नए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश साझेदारी की नींव रखने के लिए भारत के सरकारी अधिकारियों, उद्योग हितधारकों और कनाडाई व्यवसायों से मिलेंगे।

भारत और कनाडा के संबंध में कब आई खटास?

बता दें कि भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में खालिस्तान आंदोलन और सिख अलगाववादियों के मुद्दे पर खटास आ गई थी।साल 2023 में कनाडाई नागरिक और खालिस्तानी अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में एक गुरुद्वारे के बाहर हत्या कर दी गई।

इस घटना के बाद तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में कहा कि उनके पास सबूत हैं कि भारतीय सरकार के एजेंट्स इस हत्या में शामिल थे।

भारत ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया। तब से दोनों देशों के बीच संबंध खराब हो गए। हालांकि, अब रिश्ते धीरे-धीरे सुधर रहे हैं।

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