UGC Delhi University: यूजीसी को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी में फिर बवाल देखने को मिला है। विश्वविद्यालय में UGC के समर्थन में चल रहे एक प्रदर्शन को कवर करने पहुंचीं महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसको लेकर अब दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति का बयान सामने आया है। उन्होंने अपील करते हुए कहा है कि सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से अनुरोध करता हूं कि वे आपस में सौहार्द बनाए रखें। कोई भी ऐसा काम न करें जिससे आपसी मनमुटाव बढ़े और राष्ट्र व विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान हो।
आपको बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय की ट्विटर हैंडल से कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने ट्वीट करते हुए कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में कल हुई घटना चिंता का विषय है, क्योंकि यहाँ देश के सभी प्रदेशों और सभी समुदायों के विद्यार्थी अध्ययन करते हैं और सामाजिक सौहार्द सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बनाए रखना हम सभी का कर्तव्य है। मैंने आज विभिन्न विद्यार्थी संगठनों और शिक्षक समूहों से बातचीत की है तथा पुलिस प्रशासन से भी बात कर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में कोई ऐसी घटना न हो जिससे आपसी सद्भाव को नुकसान पहुँचे। यूजीसी के नए नियम फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं, इसलिए मैं विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील करता हूँ कि वे भारत सरकार पर भरोसा बनाए रखें और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करें।
क्या हुआ था पत्रकार के साथ?
दिल्ली विश्वविद्यालय में यूजीसी के समर्थन में चल रहे एक प्रदर्शन के दौरान एक गंभीर और शर्मनाक घटना सामने आई। प्रदर्शन को कवर करने पहुँचीं महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर कथित तौर पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। पत्रकार का आरोप है कि उन्हें उनकी जाति के आधार पर निशाना बनाया गया और भीड़ के बीच उन्हें बलात्कार जैसी गंभीर धमकियाँ भी दी गईं। यह घटना उस समय हुई, जब दिल्ली यूनिवर्सिटी में यूजीसी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन चल रहा था। घटना के बाद मीडिया की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, और कैंपस में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नाम सुनते ही किया हमला!
महिला पत्रकार रुचि तिवारी ने बताया कि वह एक पत्रकार के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में केवल रिपोर्टिंग के उद्देश्य से पहुंची थीं, लेकिन उन्हें सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, घटना की शुरुआत तब हुई जब वहां मौजूद मीडियाकर्मियों में से ही किसी व्यक्ति ने जानबूझकर उनका नाम जोर से पुकारा और फिर उनसे उनका पूरा नाम तथा जाति पूछी गई। जैसे ही उनकी पहचान उजागर हुई, कुछ लोगों ने इशारों में भीड़ को उकसाया, जिसके बाद लगभग 500 लोगों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। पत्रकार का आरोप है कि उस दौरान उनके साथ गाली-गलौज की गई, जातिसूचक टिप्पणियाँ की गईं और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं, जिससे माहौल बेहद भयावह हो गया।


