सिलेंडर के दाम बढ़ने और बुकिंग नियमों में बदलाव के बाद लोगों में आपूर्ति को लेकर चिंता

सिलेंडर के दाम बढ़ने और बुकिंग नियमों में बदलाव के बाद लोगों में आपूर्ति को लेकर चिंता

रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर बढ़ता दबाव कोलकाता. पिछले सप्ताह तेल कंपनियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बुकिंग नियमों में बदलाव और आपूर्ति को लेकर फैल रही आशंकाओं ने आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डाला है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि अब नए नियमों के कारण एक सिलेंडर 

रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर बढ़ता दबाव

कोलकाता. पिछले सप्ताह तेल कंपनियों द्वारा घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बुकिंग नियमों में बदलाव और आपूर्ति को लेकर फैल रही आशंकाओं ने आम लोगों की जिंदगी पर सीधा असर डाला है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि अब नए नियमों के कारण एक सिलेंडर लेने के बाद अगले रिफिल की बुकिंग के लिए निर्धारित अवधि पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है जिनके घरों में गैस का इस्तेमाल अधिक होता है। फिलहाल लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अब गैस की कीमतें स्थिर और आपूर्ति सुचारु बनी रहे। गृहिणी मंजू शुक्ला ने बताया कि अब नियमों के कारण उन्हें समय का अधिक ध्यान रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर सिलेंडर अचानक खत्म हो जाए तो कुछ दिनों तक परेशानी हो सकती है।

छोटे व्यवसायियों की चिंता बढ़ी

गैस आपूर्ति की अनिश्चितता का असर ढाबा, होटल और रेस्तरां उद्योग पर भी पड़ने लगा है। छोटे भोजनालयों, चाय की दुकानों और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए भी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका चिंता का विषय बनती जा रही है। कई छोटे व्यवसायियों का कहना है कि यदि आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो संचालन प्रभावित हो सकता है।

बुकिंग में अचानक उछाल

एक प्राथमिक अनुमान के मुताबिक गैस बुकिंग में लगभग 30 प्रतिशत का उछाल आया है। जबकि गैस एजेंसियों का कहना है कि देश में कुल मिलाकर गैस की पर्याप्त आपूर्ति है, लेकिन अफवाहों और अत्यधिक बुकिंग के कारण अस्थायी दबाव बन गया है। उनके मुताबिक जमाखोरी और अनावश्यक बुकिंग को रोकने जैसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तेल विपणन कंपनियों ने गैस सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है।

आपूर्ति पर दबाव से अस्थायी असंतुलन

विशेषज्ञों के मुताबिक, गैस सिलेंडर की मौजूदा स्थिति पूरी तरह से संकट की नहीं है, लेकिन बढ़ती मांग और आपूर्ति पर दबाव ने अस्थायी असंतुलन पैदा कर दिया है। यदि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो आने वाले समय में एलपीजी की कीमतों और उपलब्धता पर और प्रभाव पड़ सकता है। लेकिन यदि पैनिक बुकिंग कम होती है और आपूर्ति सामान्य रहती है, तो आने वाले दिनों में गैस वितरण की स्थिति धीरे-धीरे स्थिर भी हो सकती है।

एलपीजी की कीमतों में प्रति लीटर 5 रुपये की वृद्धि

बुधवार को ऑटो एलपीजी की कीमतों में प्रति लीटर 5 रुपये की वृद्धि की जानकारी सामने आई। इस बढ़ोतरी के बाद सुबह से ही पंपों पर ऑटो चालकों की लंबी कतारें लग गईं। इसका सीधा असर परिवहन खर्च पर नजर आया। चिंगड़ीघाटा-एसडीएफ मार्ग पर ऑटो किराया बुधवार सुबह 15 रुपये से बढ़ाकर 18 रुपये कर दिया गया। ऑटो चालकों का कहना है कि किराए में 3 रुपए की वृद्धि उनके लिए मजबूरी है, क्योंकि बढ़ती परिचालन लागत के बीच पुराने किराए पर वाहन चलाना संभव नहीं है। कई चालकों ने कहा कि वे यात्रियों की परेशानी को समझते हैं, लेकिन गैस की बढ़ती कीमतों के कारण किराया समायोजित किए बिना उनके लिए घर चलाना मुश्किल है। वहीं कई यात्रियों ने कहा कि रोजाना के सफर का खर्च बढ़ने से उन्हें अन्य जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है।

  

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