भोपाल में 10 फरवरी को गांधी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस फस्ट ईयर की छात्रा रोशनी कलैश की हॉस्टल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस की अब तक की जांच में साफ नहीं हो सका है कि छात्रा ने सुसाइड क्यों किया। इससे नाराज छात्रा के परिजनों और छात्रों ने आज कोहेफिजा थाने का घेराव कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस मामले में बेहद धीमी जांच कर रही है। जहां बॉडी मिली उस स्थान को भी सील नहीं किया गया। वार्डन और अन्य जिम्मेदारों के बयान भी दर्ज नहीं किए जा सके हैं। प्रदर्शनकारी निश्पक्ष जांच की मांग को लेकर थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं। एसीपी अनिल बाचपेयी मौके पर पहुंचे हैं और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। शव के पास मिली थी एसिड की बॉटल रोशनी के शव के पास ही एसिड की बोतल भी मिली थी। रोशनी ने पिछले साल ही अक्टूबर में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था। जानकारी के मुताबिक रोशनी डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा थाना क्षेत्र में प्राइवेट हॉस्टल में रह रही थी। जब वह सुबह कॉलेज के लिए अपने कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ पढ़ने वाले स्टूडेंट्स उसे बुलाने के लिए पहुंचे। छात्राओं के मुताबिक रोशनी को कई बार आवाज दी। उसे फोन कॉल किया, लेकिन रोशनी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पीजी के गार्ड को सूचना दी। गार्ड पहुंचा तो पहले कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां रोशनी पड़ी मिली। पास में मिली संदिग्ध बॉटल स्टूडेंट्स ने बताया कि रोशनी के पास एक खाली एसिड की बॉटल भी पड़ी हुई थी। फौरन कॉलेज प्रबंधन को सूचना दी गई। रोशनी को सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर्स ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।


