परिजन की मृत्यु के बाद Aadhaar Card से हो सकता है लाखों का नुकसान, तुरंत करें यह जरूरी काम

परिजन की मृत्यु के बाद Aadhaar Card से हो सकता है लाखों का नुकसान, तुरंत करें यह जरूरी काम

aadhaar card deactivate online: भारत में अभी भी बड़ी संख्या में कई परिवार ऐसे हैं जो किसी परिजन की मृत्यु के बाद उनके दस्तावेजों को डीएक्टिवेट कराने के बारे में नहीं सोचते। घर में किसी बुजुर्ग या परिजन की मृत्यु के बाद परिवार कई जरूरी कामों में उलझ जाता है और अक्सर एक बेहद जरूरी काम भूल जाता है, वह है मृत व्यक्ति के आधार कार्ड को डीएक्टिवेट कराना।

आधार जारी करने वाली सरकारी संस्था UIDAI ने हाल ही में एक्स पर पोस्ट करके लोगों को इस बारे में सतर्क किया है। अगर मृत परिजन का आधार कार्ड समय पर बंद नहीं कराया गया तो वह गलत हाथों में पड़कर बड़ी धोखाधड़ी का जरिया बन सकता है।

मृत व्यक्ति का आधार क्यों है खतरनाक?

आधार कार्ड आज के समय में भारत का सबसे अहम पहचान दस्तावेज है। बैंक खाता खोलना हो, सिम कार्ड लेना हो, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना हो या फिर कोई भी वित्तीय लेनदेन करना हो, हर जगह आधार मांगा जाता है। यही वजह है कि किसी मृत व्यक्ति का आधार नंबर और उससे जुड़ी जानकारी अगर किसी गलत इंसान के हाथ लग जाए तो वह उसका दुरुपयोग कर सकता है।

फर्जी बैंक खाते खोलना, सरकारी सब्सिडी हड़पना या किसी और के नाम पर लोन लेना, ये सब उन तरीकों में शामिल हैं जिनसे आधार की धोखाधड़ी होती है। परिवार को भनक भी नहीं पड़ती और नुकसान लाखों में पहुंच जाता है।

UIDAI ने क्यों जारी की यह अपील

UIDAI की एक्स पोस्ट।

UIDAI ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए साफ कहा है कि परिवार के उस सदस्य के आधार के डीएक्टिवेशन की रिपोर्ट जरूर करें जिनकी मृत्यु हो चुकी है। संस्था का कहना है कि यह कदम उठाने से मृत व्यक्ति के आधार का गलत इस्तेमाल होने से रोका जा सकता है। UIDAI ने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए किसी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। यह काम पूरी तरह डिजिटल है और घर बैठे myAadhaar पोर्टल के जरिए किया जा सकता है।

कैसे करें मृत परिजन का आधार डीएक्टिवेट

UIDAI ने इस प्रक्रिया को बेहद सरल रखा है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके कोई भी परिवार का सदस्य यह काम कर सकता है।

  • सबसे पहले myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं।
  • अपने आधार नंबर से लॉग इन करें।
  • लॉग इन करने के बाद कई विकल्प दिखेंगे। इनमें से Report Death of a Family Member वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • एक फॉर्म खुलेगा जिसमें मृत परिजन की जानकारी भरनी होगी।
  • जिस राज्य से मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया गया है उसका नाम दर्ज करें।
  • सभी जानकारी सही से भरने के बाद Submit बटन दबाएं।

इतना करने के बाद डीएक्टिवेशन की रिपोर्ट दर्ज हो जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में कोई कागज नहीं चाहिए और कोई शुल्क भी नहीं लगता।

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