अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में 6 अप्रैल को बिना नंबर प्लेट की कार की जांच के दौरान हुआ विवाद तूल पकड़ने लगा है। एएमयू की प्रॉक्टोरियल टीम ने पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष और राइडिंग क्लब के पूर्व कैप्टन नदीम अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। इसके बाद छात्र नेता और कार स्वामी ने प्रॉक्टर पर सिक्योरिटी के 14 हजार रुपए न देने के लिए षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया है। वहीं, कार स्वामी का आरोप है कि उसका नाम पूछने के बाद प्रॉक्टोरियल टीम में मौजूद एक कर्मचारी ने धार्मिक भावनाएं भी आहत की हैं। हालांकि गुरुवार को न्यायालय ने कार को रिलीज करने के आदेश पारित कर दिए हैं। प्रॉक्टर के घर और स्कूल पर लगे हैं गार्ड कार स्वामी आशीष चौधरी ने बताया कि उनकी सुरक्षा एजेंसी एएमयू प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान के घर और स्कूल में सुरक्षा सेवाएं प्रदान करती है। प्रॉक्टर पर उनके सुरक्षा गार्डों के वेतन के करीब 14,000 रुपए बकाया थे। आशीष का आरोप है कि कई बार फोन करने के बाद भी जवाब न मिलने पर वह 6 अप्रैल को अपने बिल का भुगतान लेने के लिए विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रॉक्टर के आवास की ओर जा रहे थे। इसी दौरान भूगोल विभाग के पास कुछ लोगों ने उनकी कार रोक ली। प्रॉक्टोरियल टीम पर अभद्रता का आरोप आशीष ने आरोप लगाया कि वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ न केवल बदतमीजी की, बल्कि नाम जानकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। आशीष का कहना है कि उन्होंने बताया था कि वह प्रॉक्टर से मिलने जा रहा हैं। बावजूद इसके बात अनसुनी कर दी और भीड़ इकट्ठा कर ली। आरोप लगाया कि प्रॉक्टर ने खुद पुलिस बुलवाकर गाड़ी को सीज करवा दिया, ताकि उन्हें भुगतान न करना पड़े। छात्र नेता नदीम अंसारी पर एफआईआर घटना के समय आशीष ने अपने परिचित और एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी को मदद के लिए बुलाया। नदीम मौके पर पहुंचे और गाड़ी को आफताब हॉल ले गए। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पुलिस में एक तहरीर दी गई। प्रॉक्टोरियल स्टाफ के शिफ्ट इंचार्ज नौशाद अली खान ने दर्ज कराए मुकदमे में कहा है कि एक संदिग्ध बिना नंबर प्लेट की कार परिसर में घूम रही थी, जिस पर पुलिस का स्टिकर और टोपी रखी थी। आरोप है कि नदीम अंसारी ने आधिकारिक कार्य में बाधा डाली और संदिग्ध गाड़ी को जबरन छुड़ा ले गए। इस तहरीर के आधार पर नदीम अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। ‘राजनीतिक रंजिश निकाल रहे प्रॉक्टर’ मुकदमा दर्ज होने से नाराज छात्र नेता नदीम अंसारी ने प्रॉक्टर प्रोफेसर नवेद खान पर व्यक्तिगत रंजिश का आरोप लगाया है। नदीम का कहना है कि वे केवल एक परिचित की मदद करने गए थे। नदीम बोले– ‘क्या मेरा गुनाह सिर्फ इतना है कि मैंने एक आशीष नाम के व्यक्ति की मदद की? अगर उसकी जगह कोई अब्बास होता, तो क्या तब भी मुझ पर एफआईआर होती?’ नदीम ने आरोप लगाया कि प्रॉक्टर 2017 की पुरानी रंजिश निकाल रहे हैं। उस समय वे डिप्टी प्रॉक्टर थे। छात्र संघ का उपाध्यक्ष होने के नाते छात्र हितों को लेकर कई बार विरोधभाष की स्थिति बन गई थी। उन्होंने कुलपति से मांग की है कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था अगर प्रॉक्टर नहीं संभाल पा रहे हैं, तो वहां पुलिस चौकी खुलवा दी जाए। प्रॉक्टर ने आरोपों को नकारा एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर नवेद खान का कहना है कि सुरक्षा के पैसों के लेनदेन और धार्मिक भेदभाव के सभी आरोप निराधार हैं। प्रॉक्टर का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक वारदात में इस्तेमाल हुई संदिग्ध गाड़ी से मिलती-जुलती कार परिसर में देखी गई है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी कहा कि नदीम अंसारी ने जांच टीम के साथ अभद्रता की, जिसके कारण कानूनी कदम उठाना पड़ा।


