गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर स्थित अम्बाडीह गांव में रविवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में 35 वर्षीय संतोष मलाह गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि संतोष मलाह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर हालत में छटपटाते रहे। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। घटना के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल संतोष मलाह को स्थानीय लोगों की मदद से टोटो के जरिए सदर अस्पताल गिरिडीह पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई। पोस्टमॉर्टम से इनकार, शव लेकर सड़क जाम घटना की सूचना मिलने पर मुफ्फसिल थाना पुलिस के साथ नगर और महतोडीह पिकेट की पुलिस भी सदर अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस पोस्टमॉर्टम और कानूनी प्रक्रिया की तैयारी कर रही थी, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध किया। परिजन बिना पोस्टमॉर्टम और कागजी कार्रवाई के शव को एंबुलेंस में रखकर अस्पताल से बाहर ले गए। इसके बाद शव को अम्बाडीह स्थित घटनास्थल पर सड़क पर रखकर गिरिडीह-टुंडी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। चार घंटे बाद सड़क से हटा जाम सड़क जाम के कारण गिरिडीह-टुंडी मुख्य मार्ग लगभग चार घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, अंचलाधिकारी जितेंद्र कुमार और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद देर रात जाम हटाया गया। गिरिडीह जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर स्थित अम्बाडीह गांव में रविवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में 35 वर्षीय संतोष मलाह गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि संतोष मलाह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर हालत में छटपटाते रहे। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। घटना के बाद कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल संतोष मलाह को स्थानीय लोगों की मदद से टोटो के जरिए सदर अस्पताल गिरिडीह पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई। पोस्टमॉर्टम से इनकार, शव लेकर सड़क जाम घटना की सूचना मिलने पर मुफ्फसिल थाना पुलिस के साथ नगर और महतोडीह पिकेट की पुलिस भी सदर अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस पोस्टमॉर्टम और कानूनी प्रक्रिया की तैयारी कर रही थी, लेकिन परिजनों ने इसका विरोध किया। परिजन बिना पोस्टमॉर्टम और कागजी कार्रवाई के शव को एंबुलेंस में रखकर अस्पताल से बाहर ले गए। इसके बाद शव को अम्बाडीह स्थित घटनास्थल पर सड़क पर रखकर गिरिडीह-टुंडी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। चार घंटे बाद सड़क से हटा जाम सड़क जाम के कारण गिरिडीह-टुंडी मुख्य मार्ग लगभग चार घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, अंचलाधिकारी जितेंद्र कुमार और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर सरकारी प्रावधानों के तहत सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद देर रात जाम हटाया गया।


