“दरोगा की गिरफ्तारी के बाद पिता की उठेगी अर्थी’:पप्पू यादव से लिपटकर रोई बेटी; बेटा बोला- पुलिस ने पापा को गोली मारी

“दरोगा की गिरफ्तारी के बाद पिता की उठेगी अर्थी’:पप्पू यादव से लिपटकर रोई बेटी; बेटा बोला- पुलिस ने पापा को गोली मारी

“जबतक दरोगा की गिरफ्तारी नहीं होगी, मैं अपने पिता का अंतिम संस्कार नहीं करूंगा।” यह कहना है मृतक जगवीर राय (55) के बेटे अविनाश कुमार का। जगवीर राय की मंगलवार देर रात पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प में मौत हो गई थी। अविनाश का आरोप है कि झड़प के दौरान दरोगा ने ही उनके पिता के सीने में गोली मारी। परिजनों ने साफ कहा है कि गिरफ्तारी से पहले अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इधर गुरुवार सुबह पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उनके पहुंचते ही मृतक की बेटी उनसे लिपटकर रोने लगीं। यह दृश्य देख सांसद भी भावुक हो गए। पप्पू यादव ने आरोपी थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा, “मैं इस लड़ाई में परिवार के साथ हूं। सोमवार को इस मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे, हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। जरूरत पड़ी तो मुजफ्फरपुर से पटना तक आंदोलन करेंगे।” पहले पूरा मामला समझिए घटना मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के असिया गांव की है। मंगलवार देर रात पुलिस पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। आरोपी को पकड़ने की कोशिश होते ही ग्रामीण उग्र हो गए और विरोध शुरू हो गया। विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस पर हमला हुआ तो जवानों ने बचाव में हवाई फायरिंग की। इसके बाद ग्रामीणों की ओर से भी गोलीबारी हुई। इसी दौरान जगवीर राय को गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। बुधवार को दिनभर गहमागहमी के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया, जहां ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, पूर्व विधायक निरंजन राय और पारू विधायक शंकर यादव समेत अन्य नेताओं ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार मामले की पड़ताल के लिए भास्कर की टीम मृतक के गांव पहुंची। परिवार में मातम पसरा है। 95 साल के पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं। बार-बार अपने बेटे को याद कर भावुक हो जा रहे हैं। भास्कर से बातचीत में मृतक के बेटे अविनाश कुमार ने बताया, ‘पुलिस छापेमारी के दौरान उनके पिता ने टीम को रोकने की कोशिश की, जिस पर थानाध्यक्ष ने सीधे उनके सीने में गोली मार दी। एक और गोली चलाई गई, जो भैंस को छूते हुए निकल गई। गोली लगने के बाद मौके पर ही पिता की मौत हो गई। जब तक आरोपी थानाध्यक्ष और छापेमारी टीम में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा।’ मृतक का बेटा बोला- पापा के सीने में गोली मारी, पुलिस पर हमले की बात झूठी मृतक जगतवीर राय के बड़े बेटे अजय ने बताया कि देर रात पुलिस मेरे घर के पिछले दरवाजे से घुसी। इसके बाद घर में खोजबीन की, जब कुछ नहीं मिला तो थानेदार ने मेरी ओर इशारा करते हुए पुलिसकर्मियों से कहा कि इसे साथ ले चलो। अजय ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने मेरी पिटाई शुरू कर दी, मुझ पर कोई भी किसी तरह का केस दर्ज नहीं है। पुलिस अगर किसी आरोपी की तलाश के लिए आई थी, तो पुलिसकर्मियों को आरोपी के घर जाना चाहिए था, मेरे घर में घुसने का कोई मतलब नहीं था। मैंने थानेदार से कहा कि मेरे नाम से कोई वारंट है तो मुझे कागज दिखाइए, तो थानेदार ने कहा कि नहीं वारंट वगैरह कुछ नहीं है, तुम्हें मेरे साथ चलना होगा। इसके बाद पुलिस मुझे ले जाने लगी, तो मेरी बेटी ने शोर मचाना शुरू किया, कहा कि पापा को पकड़कर ले जा रहे हैं। इसके बाद आसपास के लोग उठे और चोर-चोर कहकर शोर मचाने लगे। ‘थानेदार ने पहले मुझ पर और मेरी बेटी पर भी फायरिंग की थी’ मृतक के बेटे अजय ने बताया कि शोर मचाए जाने के बाद पुलिसकर्मी घर से थोड़ी दूर हट गए। फिर हम लोगों की ओर मुड़कर मेरी बेटी और मुझे निशाना बनाते हुए फायरिंग की। पुलिस की गोली से हम दोनों ने खुद को बचाया और घर के अंदर चले गए। अजय ने कहा कि इतने में मेरे पिता टॉयलेट करने निकले और उन्होंने फायरिंग की आवाज सुनकर थानेदार और अन्य पुलिसकर्मियों से पूछा कि आखिर आप लोग फायरिंग क्यों कर रहे हैं, इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मेरे पिता को भागने के लिए कहा। इसके बाद मेरे पिता के सीने में गोली मार दी और फरार हो गए। अब पुलिस का पक्ष जानिए… आत्मरक्षा में हुई फायरिंग मुजफ्फरपुर हिंसा मामले में पुलिस का कहना है कि टीम पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी करने गई थी। आरोपी के नहीं मिलने पर जब पुलिस अन्य संदिग्ध को हिरासत में लेने लगी, तभी ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हालात बेकाबू होने पर आत्मरक्षा में फायरिंग की गई। इसी दौरान गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हुई। हालांकि, मृतक को किसकी गोली लगी, इसकी जांच अभी जारी है। इधर गायघाट थाना में पदस्थापित नए थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस की 2 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले गांव की एक नाबालिग लड़की के साथ रेप का मामला सामने आया था। इसी मामले में कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। इसी आदेश पर गायघाट पुलिस की टीम असिया गांव में छापेमारी करने गई थी। हमले के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस की 2 गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। SSP बोले- जवान और थानेदार घायल हुए हैं मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उग्र भीड़ ने पुलिस के 2 वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले में गायघाट थानेदार और दो अन्य जवान घायल हुए हैं। घटना के दौरान बचाव में पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गई है। ग्रामीणों की तरफ से भी फायरिंग की गई, जिसमें 60 साल के बुजुर्ग को गोली लगी। उनकी मौत हो गई। पुलिस इलाके में फ्लैग मार्च कर रही है असिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) और डीएसपी पूर्वी भारी पुलिस बल और कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर कैंप कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे इलाके में फ्लैग मार्च कर रही है ताकि विधि-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। “जबतक दरोगा की गिरफ्तारी नहीं होगी, मैं अपने पिता का अंतिम संस्कार नहीं करूंगा।” यह कहना है मृतक जगवीर राय (55) के बेटे अविनाश कुमार का। जगवीर राय की मंगलवार देर रात पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई हिंसक झड़प में मौत हो गई थी। अविनाश का आरोप है कि झड़प के दौरान दरोगा ने ही उनके पिता के सीने में गोली मारी। परिजनों ने साफ कहा है कि गिरफ्तारी से पहले अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इधर गुरुवार सुबह पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उनके पहुंचते ही मृतक की बेटी उनसे लिपटकर रोने लगीं। यह दृश्य देख सांसद भी भावुक हो गए। पप्पू यादव ने आरोपी थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा, “मैं इस लड़ाई में परिवार के साथ हूं। सोमवार को इस मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे, हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। जरूरत पड़ी तो मुजफ्फरपुर से पटना तक आंदोलन करेंगे।” पहले पूरा मामला समझिए घटना मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के असिया गांव की है। मंगलवार देर रात पुलिस पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी को गिरफ्तार करने गांव पहुंची थी। आरोपी को पकड़ने की कोशिश होते ही ग्रामीण उग्र हो गए और विरोध शुरू हो गया। विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस पर हमला हुआ तो जवानों ने बचाव में हवाई फायरिंग की। इसके बाद ग्रामीणों की ओर से भी गोलीबारी हुई। इसी दौरान जगवीर राय को गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। बुधवार को दिनभर गहमागहमी के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया, जहां ग्रामीणों में आक्रोश बना हुआ है। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, पूर्व विधायक निरंजन राय और पारू विधायक शंकर यादव समेत अन्य नेताओं ने परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार मामले की पड़ताल के लिए भास्कर की टीम मृतक के गांव पहुंची। परिवार में मातम पसरा है। 95 साल के पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं। बार-बार अपने बेटे को याद कर भावुक हो जा रहे हैं। भास्कर से बातचीत में मृतक के बेटे अविनाश कुमार ने बताया, ‘पुलिस छापेमारी के दौरान उनके पिता ने टीम को रोकने की कोशिश की, जिस पर थानाध्यक्ष ने सीधे उनके सीने में गोली मार दी। एक और गोली चलाई गई, जो भैंस को छूते हुए निकल गई। गोली लगने के बाद मौके पर ही पिता की मौत हो गई। जब तक आरोपी थानाध्यक्ष और छापेमारी टीम में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा।’ मृतक का बेटा बोला- पापा के सीने में गोली मारी, पुलिस पर हमले की बात झूठी मृतक जगतवीर राय के बड़े बेटे अजय ने बताया कि देर रात पुलिस मेरे घर के पिछले दरवाजे से घुसी। इसके बाद घर में खोजबीन की, जब कुछ नहीं मिला तो थानेदार ने मेरी ओर इशारा करते हुए पुलिसकर्मियों से कहा कि इसे साथ ले चलो। अजय ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने मेरी पिटाई शुरू कर दी, मुझ पर कोई भी किसी तरह का केस दर्ज नहीं है। पुलिस अगर किसी आरोपी की तलाश के लिए आई थी, तो पुलिसकर्मियों को आरोपी के घर जाना चाहिए था, मेरे घर में घुसने का कोई मतलब नहीं था। मैंने थानेदार से कहा कि मेरे नाम से कोई वारंट है तो मुझे कागज दिखाइए, तो थानेदार ने कहा कि नहीं वारंट वगैरह कुछ नहीं है, तुम्हें मेरे साथ चलना होगा। इसके बाद पुलिस मुझे ले जाने लगी, तो मेरी बेटी ने शोर मचाना शुरू किया, कहा कि पापा को पकड़कर ले जा रहे हैं। इसके बाद आसपास के लोग उठे और चोर-चोर कहकर शोर मचाने लगे। ‘थानेदार ने पहले मुझ पर और मेरी बेटी पर भी फायरिंग की थी’ मृतक के बेटे अजय ने बताया कि शोर मचाए जाने के बाद पुलिसकर्मी घर से थोड़ी दूर हट गए। फिर हम लोगों की ओर मुड़कर मेरी बेटी और मुझे निशाना बनाते हुए फायरिंग की। पुलिस की गोली से हम दोनों ने खुद को बचाया और घर के अंदर चले गए। अजय ने कहा कि इतने में मेरे पिता टॉयलेट करने निकले और उन्होंने फायरिंग की आवाज सुनकर थानेदार और अन्य पुलिसकर्मियों से पूछा कि आखिर आप लोग फायरिंग क्यों कर रहे हैं, इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मेरे पिता को भागने के लिए कहा। इसके बाद मेरे पिता के सीने में गोली मार दी और फरार हो गए। अब पुलिस का पक्ष जानिए… आत्मरक्षा में हुई फायरिंग मुजफ्फरपुर हिंसा मामले में पुलिस का कहना है कि टीम पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी करने गई थी। आरोपी के नहीं मिलने पर जब पुलिस अन्य संदिग्ध को हिरासत में लेने लगी, तभी ग्रामीणों ने हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, हालात बेकाबू होने पर आत्मरक्षा में फायरिंग की गई। इसी दौरान गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हुई। हालांकि, मृतक को किसकी गोली लगी, इसकी जांच अभी जारी है। इधर गायघाट थाना में पदस्थापित नए थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। पुलिस की 2 गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई पुलिस के मुताबिक, कुछ दिन पहले गांव की एक नाबालिग लड़की के साथ रेप का मामला सामने आया था। इसी मामले में कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी का आदेश दिया था। इसी आदेश पर गायघाट पुलिस की टीम असिया गांव में छापेमारी करने गई थी। हमले के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस की 2 गाड़ियों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। SSP बोले- जवान और थानेदार घायल हुए हैं मुजफ्फरपुर SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि उग्र भीड़ ने पुलिस के 2 वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हमले में गायघाट थानेदार और दो अन्य जवान घायल हुए हैं। घटना के दौरान बचाव में पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गई है। ग्रामीणों की तरफ से भी फायरिंग की गई, जिसमें 60 साल के बुजुर्ग को गोली लगी। उनकी मौत हो गई। पुलिस इलाके में फ्लैग मार्च कर रही है असिया गांव और आसपास के क्षेत्रों में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) और डीएसपी पूर्वी भारी पुलिस बल और कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर कैंप कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे इलाके में फ्लैग मार्च कर रही है ताकि विधि-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

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