शहर के विक्रमनगर क्षेत्र की गांधीनगर सहित आसपास की 5-6 कॉलोनियों के करीब 400 परिवारों को सात साल बाद पानी की समस्या से राहत मिलने जा रही है। नगर निगम ने मेसर्स भारत एलम् कंपनी को पाइपलाइन बिछाने और नल कनेक्शन देने का वर्कऑर्डर जारी कर दिया है। निगम अधिकारियों के अनुसार इसी माह काम शुरू हो जाएगा और अगली गर्मी तक नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। गौरतलब है कि वर्ष 2019 में विक्रमनगर में 2 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत से साढ़े पांच लाख गैलन क्षमता की पानी की टंकी बनाई गई थी। इस टंकी से विक्रमनगर, विवि कैंपस, भर्तृहरि नगर, रेलवे कॉलोनी और 3 नंबर नाका क्षेत्र को जोड़ने की योजना थी। पाइपलाइन का कुछ कार्य हुआ, लेकिन रेलवे लाइन पार अनुमति नहीं मिलने से काम अटक गया। इसके बाद वर्षों तक रहवासी टैंकरों पर निर्भर रहे। अब नल कनेक्शन होने से रोज ही टैंकर के भरोसे रहने से निजात मिलेगी। लोगों का रोज पानी से परेशान होने पर खर्च होने वाला समय बचेगा। पार्षद सुलेखा वशिष्ठ ने बताया कि 7 से 8 दिन में काम शुरू हो जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। सुबह से शाम तक रोज लग रहे 10 टैंकर पानी वर्तमान में निगम रोजाना सुबह से शाम तक लगभग 10 पानी के टैंकर भेज रहा है। रहवासियों ने बताया कि टैंकर आते ही बाल्टी-ड्रम लेकर लाइन में लगना पड़ता है। एक दिन देरी होने पर पूरे घर की दिनचर्या बिगड़ जाती है। कई बार पीने का पानी खरीदना पड़ता है। निगम के बजट 2025-26 में 64 लाख रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। टेंडर प्रक्रिया पूरी कर अब वर्कऑर्डर जारी कर दिया है। रेलवे से भी अनुमति मिल चुकी है। 7 साल से चल रही मशक्कत के बाद अब रहवासियों को उम्मीद है कि छह माह में नलों से पानी आएगा और टैंकरों से स्थायी छुटकारा मिलेगा।


