सरस्वती पूजा के बाद आज होगा मूर्ति विसर्जन:पटना में बने 7 आर्टिफिशियल तालाब, नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना

सरस्वती पूजा के बाद आज होगा मूर्ति विसर्जन:पटना में बने 7 आर्टिफिशियल तालाब, नियम तोड़ने पर लगेगा भारी जुर्माना

कल पांच शुभ योग में सरस्वती पूजा मनाई गयी। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर वसंत पंचमी की बधाई दी। आज मां सरस्वती के प्रतिमा का विसर्जन होगा। इसके लिए पटना नगर निगम की ओर से विभिन्न घाटों पर कुल 7 आर्टिफिशियल तालाब बनाए गए हैं। ये तालाब विशेष रूप से पूजा के दौरान मूर्ति और पूजन सामग्री के विसर्जन को लेकर बनाए गए हैं। निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर विसर्जन किए जाने पर संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। 4 अंचल में बनाए गए 7 आर्टिफिशियल तालाब बांकीपुर अंचल में लॉ कॉलेज घाट, पाटलिपुत्र अंचल में पाटीपुल घाट और मीनार घाट, अजीमाबाद अंचल में घाट और मित्तन घाट, पटना सिटी अंचल में कंगन घाट और दमराही घाट में आर्टिफिशियल तालाब बनाए गए हैं। इस दौरान कपड़े से बैरिकेडिंग की गई और लाइट भी लगाया गया। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि इन आर्टिफिशियल तालाबों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जलस्रोतों की स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरस्वती पूजा का आयोजन पर्यावरणीय दायित्व के साथ सुनिश्चित किया जाए। अपने संबंधित अंचल में बने कृत्रिम तालाब में ही करें मूर्ति विसर्जन सरस्वती पूजा के दिन पटना नगर निगम की टीम अपने निर्धारित अंचल में बने पंडालों में घूमेगी और मॉनिटरिंग करेगी कि मानक के अनुसार पंडाल बैठे हो। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने लोगों से अपील की है कि जहां पर भी पंडाल बनाकर मूर्ति बैठाई जा रही है, वहां पर स्वच्छता का ध्यान रखा जाए। पूजन सामग्री को जहां-तहां न फेंके। सूखा और गीला कचरा के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखें। वहीं, मूर्ति विसर्जन अपने संबंधित अंचल में बने कृत्रिम तालाब में ही जाकर करें। गंगा में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा पटना शहर को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम द्वारा ये तैयारियां की गई है। गंगा नदी सहित अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए पटना नगर निगम द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। सरस्वती पूजा के अवसर पर अभियान को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए पटना नगर निगम की विशेष जागरूकता टीमें भी घाटों पर तैनात रहेंगी। ये टीमें श्रद्धालुओं एवं पूजा समितियों को प्लास्टिक रैपर, पॉलीथिन तथा अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल सामग्री के उपयोग से बचने के लिए प्रेरित करेगी। विसर्जन को लेकर अस्पताल अलर्ट पर मां सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन को लेकर पटना जिला स्वास्थ्य विभाग ने पुख्ता व्यवस्था की है। पटना सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। सिविल सर्जन ने बताया कि जिला नियंत्रण कक्ष में विशेष स्वास्थ्य टीम की तैनाती की जाएगी, जो 24 घंटे स्थिति पर नजर रखेगी। शहर के सभी प्रमुख घाटों पर स्वास्थ्य टीम तैनात की जाएगी। प्रत्येक टीम में एक चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और नर्सिंग स्टाफ शामिल होंगे। घाटों पर एंबुलेंस भी रहेगी। सिविल सर्जन ने बताया कि केवल पटना शहर ही नहीं, बल्कि जिले के सभी अनुमंडल स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेंगे। कल पांच शुभ योग में सरस्वती पूजा मनाई गयी। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर वसंत पंचमी की बधाई दी। आज मां सरस्वती के प्रतिमा का विसर्जन होगा। इसके लिए पटना नगर निगम की ओर से विभिन्न घाटों पर कुल 7 आर्टिफिशियल तालाब बनाए गए हैं। ये तालाब विशेष रूप से पूजा के दौरान मूर्ति और पूजन सामग्री के विसर्जन को लेकर बनाए गए हैं। निर्धारित स्थलों के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर विसर्जन किए जाने पर संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। 4 अंचल में बनाए गए 7 आर्टिफिशियल तालाब बांकीपुर अंचल में लॉ कॉलेज घाट, पाटलिपुत्र अंचल में पाटीपुल घाट और मीनार घाट, अजीमाबाद अंचल में घाट और मित्तन घाट, पटना सिटी अंचल में कंगन घाट और दमराही घाट में आर्टिफिशियल तालाब बनाए गए हैं। इस दौरान कपड़े से बैरिकेडिंग की गई और लाइट भी लगाया गया। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि इन आर्टिफिशियल तालाबों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जलस्रोतों की स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरस्वती पूजा का आयोजन पर्यावरणीय दायित्व के साथ सुनिश्चित किया जाए। अपने संबंधित अंचल में बने कृत्रिम तालाब में ही करें मूर्ति विसर्जन सरस्वती पूजा के दिन पटना नगर निगम की टीम अपने निर्धारित अंचल में बने पंडालों में घूमेगी और मॉनिटरिंग करेगी कि मानक के अनुसार पंडाल बैठे हो। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने लोगों से अपील की है कि जहां पर भी पंडाल बनाकर मूर्ति बैठाई जा रही है, वहां पर स्वच्छता का ध्यान रखा जाए। पूजन सामग्री को जहां-तहां न फेंके। सूखा और गीला कचरा के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखें। वहीं, मूर्ति विसर्जन अपने संबंधित अंचल में बने कृत्रिम तालाब में ही जाकर करें। गंगा में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा पटना शहर को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम द्वारा ये तैयारियां की गई है। गंगा नदी सहित अन्य जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए पटना नगर निगम द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। सरस्वती पूजा के अवसर पर अभियान को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए पटना नगर निगम की विशेष जागरूकता टीमें भी घाटों पर तैनात रहेंगी। ये टीमें श्रद्धालुओं एवं पूजा समितियों को प्लास्टिक रैपर, पॉलीथिन तथा अन्य नॉन-बायोडिग्रेडेबल सामग्री के उपयोग से बचने के लिए प्रेरित करेगी। विसर्जन को लेकर अस्पताल अलर्ट पर मां सरस्वती की प्रतिमा विसर्जन को लेकर पटना जिला स्वास्थ्य विभाग ने पुख्ता व्यवस्था की है। पटना सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने का निर्देश दिया है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। सिविल सर्जन ने बताया कि जिला नियंत्रण कक्ष में विशेष स्वास्थ्य टीम की तैनाती की जाएगी, जो 24 घंटे स्थिति पर नजर रखेगी। शहर के सभी प्रमुख घाटों पर स्वास्थ्य टीम तैनात की जाएगी। प्रत्येक टीम में एक चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और नर्सिंग स्टाफ शामिल होंगे। घाटों पर एंबुलेंस भी रहेगी। सिविल सर्जन ने बताया कि केवल पटना शहर ही नहीं, बल्कि जिले के सभी अनुमंडल स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष सक्रिय रहेंगे।  

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