MP News: प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में एक बार फिर से मरीजों के स्वास्थ्य के साथ बड़ी लापरवाही सामने आई। चूहों के कुतरने से हुई दो मौतों का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि एमवायएच (MYH Indore) में बिल्ली चहलकदमी करती देखी गई। अस्पताल के एचआइवी वार्ड में बिल्ली के बच्चे भी नजर आए। बताया जाता है कि इन्होंने दवाइयों को नुकसान भी पहुंचाया। प्रबंधन इस बात से इंकार कर रहा है।
सोशल मीडिया पर एचआइवी वार्ड में बिल्ली के बच्चे घूमने की वीडियो वायरल हुई। दो दिन पहले बिल्ली ने तीन बच्चों को जन्म दिया था। बताया जाता है कि ये बच्चे एचआइवी वार्ड, दवाओं और कैंटीन तक पहुंच गए। इसके बाद एमवाय प्रबंधन हरकत में आया और पिंजरा लगाकर दो बच्चों को पकड़ा। इन्हें चिडिय़ाघर में छोड़ा है।
देशभर में हुई थी किरकिरी
एमवाय अस्पताल में चूहा कांड से देशभर में इंदौर की किरकिरी हुई थी, उसके बाद भी जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। अब पशु अस्पताल में प्रवेश कर रहे हैं। गनीमत रही कि बिल्ली ने किसी मरीज को काटा नहीं। इस घटना के बाद एक बार फिर से अस्पताल के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रबंधन बोला- कोई क्षति नहीं
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि 17 फरवरी को एक बिल्ली देखी गई थी। उसे पकडऩे को कैंटीन में पिंजरा रखवाया। बिल्ली ने किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई है। दवाइयां पूर्णत: सुरक्षित हैं। लापरवाही पाए जाने पर एचएलएल एजेंसी पर 50 हजार रुपए अर्थदण्ड लगाया है। (MP News)
अस्पताल में बिल्ली के 2-3 बच्चे- डीन
बिल्ली के 2-3 बच्चे अस्पताल में देखे गए थे। दो को पिंजरा लगाकर पकड़ा है। पीछे के रास्ते से बिल्ली के बच्चे आने की आशंका है। आगे ऐसा न हो, इसकी व्यवस्था की जा रही है। – डॉ. अरविंद घनघोरिया, डीन (एमजीएम मेडिकल कॉलेज)


