World Para Athletics Grand Prix 2026: अहमदाबाद में टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) जीतने के बाद भारत अब पैरा-एथलेटिक्स में भी दमखम दिखाने को तैयार है। नई दिल्ली में 11-13 मार्च 2026 को वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्री के दूसरे संस्करण में आठ देशों के 250 से ज्यादा एथलीट भाग लेंगे। भारत 219 खिलाड़ियों का अपना अब तक का सबसे बड़ा दल उतारेगा, जिसमें सुमित अंतिल, मरियप्पन, प्रवीण कुमार और प्रीति पाल जैसे चैंपियन शामिल हैं।
World Para Athletics Grand Prix 2026: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 8 मार्च 2026 को सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से पराजित कर आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 (ICC T20 World Cup 2026) का खिताब अपने नाम किया। इसी के साथ भारत पहली बार अपनी घर में टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाला, खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाला और तीन बार टी20 विश्व चैंपियन बनने वाला पहला देश बन गया।
क्रिकेट में इस ऐतिहासिक जीत के जश्न की गूंज अभी थमी भी नहीं है कि भारत एक और अंतरराष्ट्रीय मंच पर जोर आजमाइश करने के लिए तैयार है। इस बार मैदान क्रिकेट का नहीं, बल्कि पैरा-एथलेटिक्स का है। नई दिल्ली में 11 से 13 मार्च 2026 तक वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रांड प्री का दूसरा संस्करण आयोजित होने जा रहा है, जिसमें भारत, रूस, नेपाल, भूटान, हांगकांग, सर्बिया, बोस्निया और मिस्र समेत आठ देशों के 250 से ज्यादा एथलीट हिस्सा लेंगे।
भारत का सबसे बड़ा दल, 219 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
इस बार भारत अपनी अब तक की सबसे बड़ी पैरा-एथलेटिक्स टीम उतारने जा रहा है, करीब 219 एथलीट अलग-अलग ट्रैक एवं फील्ड स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगे। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया के अनुसार इस आयोजन की मेजबानी मिलना विश्व पैरा खेलों में भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है। इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार 74 स्लॉट में बांटा जाएगा। शारीरिक अक्षमता वाले एथलीटों के लिए 39, दृष्टिबाधित एथलीटों के लिए 29 और बौद्धिक अक्षमता वाले एथलीटों के लिए 6 कैटेगरी में स्लॉट हैं।
इन खिलाड़ियों पर टिकी हैं भारत की उम्मीदें
- सुमित अंतिल (जेवलिन थ्रो F64): पेरिस 2024 पैरालंपिक में 70.59 मीटर के पैरालंपिक रिकॉर्ड थ्रो के साथ लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतने वाले सुमित ने 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 71.37 मीटर का चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाते हुए तीसरी बार विश्व खिताब अपने नाम किया था। सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और 2022 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।
- मरियप्पन थंगवेलु (हाई जंप T42): रियो 2016 के स्वर्ण पदक विजेता मरियप्पन पेरिस 2024 पैरालंपिक में कांस्य पदक जीतकर लगातार तीन पैरालंपिक खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। इन्हें 2017 में अर्जुन अवार्ड व पद्म श्री और 2020 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
- प्रवीण कुमार (हाई जंप T64): 21 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी ने पेरिस 2024 में 2.08 मीटर की छलांग के साथ एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा और भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। प्रवीण को 2021 में अर्जुन अवार्ड, 2024 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और इसी वर्ष (2026) पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।
- प्रीति पाल (100 मीटर व 200 मीटर T35): पेरिस 2024 में 100 मीटर और 200 मीटर T35 में दो कांस्य पदक जीतकर वे पैरालंपिक ट्रैक स्पर्धाओं में दोहरा पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थी। 2024 में इन्हें अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
- सिमरन शर्मा (100 मीटर T12): 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 11.95 सेकंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ 100 मीटर T12 में स्वर्ण जीतने वाली सिमरन ने 12 सेकंड की बाधा तोड़ने वाली भारत की पहली पैरा-एथलीट बनने का गौरव हासिल किया था। इन्हें भी 2024 में अर्जुन अवार्ड मिल चुका है।
विदेशी धुरंधर भी होंगे मैदान में
भारतीय एथलीटों के सामने इस प्रतियोगिता में कई विदेशी दिग्गज भी कड़ी चुनौती पेश करेंगे। सर्बिया के जेल्को दिमित्रिजेविच अपनी श्रेणी (F51 क्लब थ्रो) के विश्व रिकॉर्ड धारक हैं, जिन्होंने 2012 और 2016 पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीते और सर्बिया के लिए पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता बने। पेरिस 2024 पैरालंपिक में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता और साबित किया कि उनका जज्बा अभी भी बरकरार है। उन्हीं के देश के नेबोजसा ड्यूरिच ने पेरिस 2024 में शॉट पुट में 11.98 मीटर का थ्रो कर रजत पदक हासिल किया था। मिस्र की फातिमा सुवैद ने 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 200 मीटर T35 स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता था।
इन अनुभवी और रिकॉर्डधारी विदेशी एथलीटों की मौजूदगी से प्रतिस्पर्धा का स्तर ऊंचा रहेगा और भारतीय एथलीटों को शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के खिलाफ अपनी क्षमता परखने का एक अहम मौका मिलेगा। गौरतलब है कि 2025 के पहले संस्करण में भारत ने 45 स्वर्ण, 40 रजत और 49 कांस्य सहित कुल 134 पदकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था। इस बार खिलाड़ियों का इरादा उस प्रदर्शन को और ऊंचाई पर ले जाने का होगा।
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