भास्कर न्यूज | जालंधर सरकारी स्कूलों में अब प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने वाली लैब्स स्थापित की जा रही हैं। इसी कड़ी में गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल नेहरू गार्डन में स्पेस लैब बनाई जा रही है, जहां विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी दी जाएगी। इस समय स्कूल में लैब के लिए कमरा अलॉट हो चुका है। हालांकि अभी प्रॉपर इक्विपमेंट आने बाकी हैं, जिसमें पहले टीचर की ट्रेनिंग होगी और उसके बाद बच्चों के लिए इसकी शुरुआत हो जाएगी। यह लैब इसरो की ओर से तैयार की जा रही है। चर्चा है कि यह भी फिल्लौर और आदमपुर स्थित स्कूल ऑफ एमीनेंस की स्पेस लैब की तरह ही तैयार की जाएगी। फिल्लौर की लैब में पहले से ही आधुनिक मशीनों और मॉडलों का व्यापक संग्रह मौजूद है। वहां अंतरिक्ष कार्यक्रम दिखाने के लिए इसरो के मुख्य रॉकेट जैसे पीएसएलवी और एलवीएम-3 के मॉडल लगाए हैं। उस लैब में रखे गए मॉडलों में चंद्रयान के लैंडर और रोवर के नमूने भी शामिल हैं, जो चांद पर जाने वाले मिशन की जानकारी देने में सहायक होते हैं। तकनीकी उपकरणों की बात करें तो वहां नई तकनीक सिखाने के लिए थ्री-डी प्रिंटर और उड़ने वाली मशीनों की समझ के लिए अलग-अलग तरह के ड्रोन व रिमोट-कंट्रोल विमान मौजूद हैं। आसमान और तारों को देखने के लिए वहां एक बड़ा टेलीस्कोप स्टैंड पर लगा है, जिसके साथ सौर मंडल के ग्रहों के मॉडल और पृथ्वी का ग्लोब भी है। इसके अलावा, लैब में आदित्य-एल1 मिशन और टेलीस्कोप की बनावट जैसे जानकारी देने वाले पोस्टर लगे हैं। चर्चा है कि नेहरू गार्डन स्कूल में भी बिल्कुल इसी तर्ज पर उपकरण और सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इस लैब के तैयार होने से शहर के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बहुत बड़ा फायदा होगा। इससे शहरी क्षेत्र के बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां सीखने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीक से जुड़ने का सीधा अवसर मिलेगा, जो पहले केवल बड़े प्राइवेट स्कूलों तक ही सीमित था। इसके साथ साथ स्कूल में मीडिया एंटरटेनमेंट लैब, जिसमें मीडिया से संबंधित जानकारी प्रैक्टिक्ली सिखाई जाएगी। वहीं साइंस ब्लाक के सामने एक इंटीग्रेटेड साइंस मैथ्स लैब बनाई जा रही है। स्कूल के लैब्स इंचार्ज इंद्रप्रीत का कहना है कि इस तरह लैब्स से छात्राओं को प्रैक्टिकल नॉलेज मिलेगी, जिससे छात्राओं को सीखने के बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं।


