धौलपुर जिले के सैंपऊ उपखंड के परौआ गांव में एक नवविवाहित जोड़े ने अपनी शादी को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर एक अनूठी मिसाल पेश की है। विवाह की पारंपरिक रस्मों के साथ ही इस जोड़े ने पौधारोपण कर हरित भविष्य का संदेश दिया। शादी के बाद दूल्हा गोपेश शर्मा और दुल्हन मनस्वी शर्मा ने अपने दादा ताराचंद शर्मा और दादी महादेवी शर्मा की मौजूदगी में 11 बेलपत्र के पौधे रोपे। इसके अलावा उन्होंने 50 अन्य फलदार और छायादार पौधे भी लगाए। शादी से पहले ही लिया था संकल्प
नवदंपति ने बताया कि उन्होंने शादी से पहले ही यह संकल्प लिया था कि वे अपने नए जीवन की शुरुआत प्रकृति के संरक्षण के साथ करेंगे। परिवार के आशीर्वाद और सहयोग से उनका यह संकल्प पूरा हो सका। जोड़े ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पेड़ लगाने और उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों के वृक्षारोपण अभियानों से प्रेरित होकर यह पहल की। ‘पौधे लगाना, उनकी नियमित देखभाल करना है जरूरी’
उनका मानना है कि पेड़ न केवल पर्यावरण को संतुलित रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी प्रदान करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल, सिंचाई और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सुझाव दिया है कि यदि प्रत्येक परिवार विवाह, जन्मदिन या वर्षगांठ जैसे शुभ अवसरों पर पौधारोपण का संकल्प ले, तो समाज में हरियाली बढ़ाने की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। इस अवसर पर दीक्षा शर्मा, जानवी शर्मा, काव्या शर्मा, माधव शर्मा सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।


