पाली में करीब 04 महीने पहले रैकी कर स्कूटी की डिग्गी का लॉक तोड़कर उसमें रखे 05 लाख रुपए चोरी कर ले जाने के मामले में पुलिस ने कनार्टक निवासी अंतर्राज्यीय गैंग के तीन शातिर बदमाशों को पकड़ा है। पुलिस ने उनके कब्जे से कार, स्कूटी बरामद की है। रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस चोरी किए गए रुपए बरामद करने का प्रयास करेगी। स्कूटी की डिग्गी से निकाल ले गए थे पांच लाख
टीपी नगर SHO हनुवंतसिंह सिसोदिया ने बताया कि कोतवाली थाने में 17 नवबंर 2025 को पाली के गरीब नवाज कॉलोनी निवासी मामू खान पुत्र कासम खान ने रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि 17 नवंबर की दोपहर को वह SBI बैंक कलेक्ट्रेट शाखा से पांच लाख रुपए निकालकर लाया था ताकि दुकान खरीद सके। रुपए स्कूटी की डिग्गी में रखकर लॉक लगा दिया। यहां से अम्बेडकर सर्किल गए। जहां स्कूटी खड़ी कर कुछ काम कर वापस स्कूटी उठाई और घर चला गया। जहां जाकर स्कूटी की डिग्गी खोली तो उसमें रुपए नदारद थे।
01 हजार KM तक पीछा किया तब आए पकड़ में
पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू की। अम्बेडकर सर्किल एक एजेंसी के बाहर के CCTV कैमरा खंगाला तो उसमें दो बदमाश स्कूटी का लॉक तोड़कर रुपए ले जाते नजर आए। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपियों की कार का नंबर पता किया और उनकी तलाश शुरू की। आरोपियों की तलाश में जुटी टीम ने चित्तौड़गढ़, उदयपुर, मावली सहित मेवाड़ क्षेत्र में करीब एक हजार किलोमीटर तक छानबीन की। तब जाकर कपासन (चितौड़गढ़) से तीनों आरोपियों को दस्तयाब कर पाली लाए।
इन तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कनार्टक के गांधीनगर (होशमने भद्रावती) शिवमोगा निवासी 21 साल के ईश्वर पुत्र चिटी बाबू, कुवम्पु नगर वसमने भद्रावती निवासी 39 साल के कलेश पी पुत्र पकीरप्पा और 20 साल के विक्रम पुत्र नरसिम्हा को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से कार और स्कूटी जब्त की।
रैकी के बाद करते वारदात, साथ में रखते महिलाएं
आरोपी बैंकों में घुस जाते और वहां उन लोगों पर नजर रखते जो बैंक से रुपए निकालकर ले जा रहा है। फिर उनका पीछा करते और मौका मिलते ही रुपए चोरी कर फरार हो जाते। आरोपी कार से आते थे और उसे छुपाकर स्कूटी लेकर निकलते थे। कई वारदातों में अपने साथ महिलाओं को रखते थे ताकि पुलिस पकड़े तो कहते थे कि घूमने के लिए निकले है।
इस टीम ने आरोपियों को पकड़ा
आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में उप निरीक्षक जाकीर अली, हेड कांस्टेबल रामनिवास, कांस्टेबल पुखसिंह, अमराराम, राजेन्द्रप्रसाद, विजय कुमार और जस्साराम शामिल रहे। विजय और जस्साराम की मुख्य भूमिका रही आरोपियों को पकड़ने में।


