शहर के बिरहाना रोड स्थित ज्ञान भारती एमएस इंटर कॉलेज में कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एक व्यक्ति बीते 29 साल से नौकरी करता रहा। शिव बहादुर यादव नाम के युवक ने दिवंगत कर्मचारी रंग बहादुर यादव का पुत्र बनकर मृतक आश्रित कोटे से 1996 में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी पा ली। बीते साल उन्नाव जिले के शिक्षक नेता हरिहर प्रसाद दीक्षित की शिकायत पर शुरू हुई जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ। डीआईओएस डॉक्टर संतोष कुमार राय ने आदेश जारी करते हुए नौकरी निरस्त किए जाने की निर्णय लिया है। साथ ही विद्यालय के प्रधानाचार्य को विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। सितंबर 2025 में हुई थी शिकायत उन्नाव जिले के शिक्षक नेता हरिहर प्रसाद दीक्षित ने 20 सितंबर 2025 को आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की। शिकायत में बताया कि ज्ञान भारती एमएस इंटर कॉलेज में कार्यरत शिवकुमार यादव ने कूट रचित दस्तावेजों के सहारे फर्जी नियुक्ति पाई है। शिकायती पत्र पर सह जिला विद्यालय निरीक्षक की अध्यक्षता में तीन सदस्य कमेटी बनाकर जांच की गई। 8वीं की टीसी के सत्यापन से खुली पोल जांच के दौरान शिवकुमार यादव की किसान इंटर कॉलेज कल्याणपुर फैजाबाद की कक्षा 8 की टीसी की जांच कराई गई। डीआईओएस अयोध्या द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट में बताया गया कि शिवकुमार यादव के पिता का नाम रामपाल यादव है। अयोध्या से रिपोर्ट आने के बाद नौकरी पाने वाले शिवकुमार के पिता रामपाल यादव होने की पुष्टि हुई। जबकि शिवकुमार ने रंगलाल यादव के मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाई है। अपना पक्ष रखने नहीं आए डीआईओएस ने अपने निर्णय में लिखा कि जांच कमेटी द्वारा शिवकुमार यादव को कई बार अपना पक्ष रखने के बुलाया गया वह नहीं आए। ना हीं उन्होंने आकर शिकायती पत्र में लगाए गए आरोपों का खंडन किया। फिलहाल मामले में सेवानिवृत्ति किए जाने के शासन विधिक कार्रवाई के लिए प्रधानाचार्य को निर्देशित किया गया है।


