जेल से छूटने के बाद मां-बहनों संग घूमने निकला था:तलाकशुदा बहन के बेटे की हत्या की थी, राजगीर में मिली थी 4 लाशें; बेटा इंजीनियर था

जेल से छूटने के बाद मां-बहनों संग घूमने निकला था:तलाकशुदा बहन के बेटे की हत्या की थी, राजगीर में मिली थी 4 लाशें; बेटा इंजीनियर था

राजगीर में मां और 3 बच्चों की लाशें धर्मशाला के कमरे में मिली थी। मृतकों में जीआर नागा प्रसाद (50) भी शामिल है। जिसने पिछले साल अपने भांजे की हत्या की थी। 5 महीने से वो जेल में था। 17 दिसंबर को उसे जमानत मिली थी। नागा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था, पर कोई काम नहीं करता था, बेरोजगार था। पिता की मौत के बाद घर में कमाने वाला कोई नहीं था। नागा पर मां और 2 बहनों की जिम्मेदारी थी। एक बहन की शादी हुई थी, पर तलाक के बाद वो अपने मायके वालों के साथ ही रहती थी। घर में आर्थिक परेशानी भी कम नहीं थी। जिस वजह से ये लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ रहते थे। इसी बीच पूरा परिवार तीर्थयात्रा पर निकला था। ये सारी जानकारी नालंदा पुलिस को बेंगलुरू से मिली। यहां की पुलिस ने बेंगलुरू पुलिस से फोन पर संपर्क किया था। भांजे की हत्या क्यों की, किस परिस्थिति में की, बेंगलुरू से कौन-कौन लोग पहुंचे क्या कहा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट… भांजा को सट्‌टा खेलने की लत थी, गुस्से में कर दिया मर्डर पुलिस के अनुसार जिस भांजे की नागा ने हत्या की थी वो तलाकशुदा बहन का बेटा था। जिसे ऑनलाइन गेमिंग का शॉक था। ऑनलाइन सट्‌टा भी खेलता था। ये बात जब नागा को पता चली तो उसे बहुत गुस्सा आया। नागा सोचता था कि एक तो घर की आर्थिक स्थिति खराब है, ऊपर से भांजा सट्‌टा खेलता है। ऐसे में आर्थिक परेशानी और भी बढ़ सकती है। नागा ने अपने भांजे को कई बार सट्‌टा खेलने से मना किया, पर भांजा नहीं मान रहा था। पिछले साल जुलाई महीने में गुस्से में आकर नागा ने अपने भांजे को मार डाला। हत्या के बाद उसे जेल भी जाना पड़ा था। पैतृक गांव में नहीं जाते थे बेंगलुरू पुलिस के मुताबिक पूरा परिवार अपने पैतृक गांव में नहीं रहता था। ये लोग गांव तभी जाते थे जब पैतृक संपत्ति विवाद का मामला होता था या फिर इन्हें किन्ही से कर्ज लेने की जरूरत पड़ती थी। गांव में किसी प्रकार का सामाजिक या धर्मिक आयोजन होता था, फिर भी ये लोग शामिल नहीं होने जाते थे। चारों बेंगलुरू शहर में रहते थे। अभी ये क्लियर नहीं है कि शहर में इनका अपना घर था या फिर रेंट के घर में रहते थे। बेंगलुरू से पहुंचे परिवार चारों लाशों का पोस्टमॉर्टम पीएमसीएच, पटना में चल रहा है। मौत की जानकारी के बाद बेंगलुरू से परिवार शनिवार को पीएमसीएच पहुंचा। परिवार में चाचा, चचेरी बहन और एक पड़ोसी थे। उन्होंने चारों की लाशों को देखा और पहचान की। पुलिस ने तीनों से पूछताछ की, पर उनकी भाषा अलग थी। समझने में पुलिस को थोड़ी परेशानी हुई। जिसके बाद पुलिस ने इंग्लिश में बात करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नाम और उम्र के अलावा कोई दूसरी जानकारी नहीं दी। पोस्टमॉर्टम के बाद पड़ोसियों को सौंपे गए शव बेंगलुरू से पहुंचा परिवार शनिवार रात पटना में ही रुका। पोस्टमॉर्टम के बाद चारों लाशें इन्हें ही सौंप दी गई है, क्योंकि खुद के परिवार में मृतकों का कोई नहीं है। परिवार ने देर रात तक शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस के अनुसार लाशों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने में अभी 7 दिन का समय लगेगा। पुलिस कह रही है रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पड़ोसियों ने आत्महत्या की बात कही है, लेकिन जिस स्थिति में लाशें मिली थी उससे घटना को दूसरे एंगल से भी देखा जा रहा है। राजगीर के दिगंबर जैन धर्मशाला में मिली थी लाशें दरअसल, राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में संदिग्ध हालात में चार पर्यटकों के शव मिले थे। मृतकों में एक मां, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। चारों के शव कमरे के चारों कोनों में फंदे से लटके मिले हैं। पुलिस के अनुसार, जिस रस्सी से शव लटके थे, वह नई थी। शव काफी हद तक डिकंपोज हो चुके थे। त्वचा निकलने लगी थी, जिससे आशंका है कि सभी की मौत कुछ दिन पहले हुई है। कमरे से 1.18 लाख रुपए कैश और गहने भी मिले थे।
SIT का गठन और बेंगलुरु पुलिस से संपर्क नालंदा एसपी भारत सोनी ने मामले की तह तक जाने के लिए 8 सदस्यीय SIT का गठन किया है। इस टीम में राजगीर SDPO सुनील कुमार सिंह, अंचल निरीक्षक संजय कुमार, जिला आसूचना इकाई के प्रभारी आलोक कुमार, गिरियक अंचल निरीक्षक सुमंत कुमार, राजगीर थानाध्यक्ष रमण कुमार, नेहा कुमारी, नवीन कुमार और भानु प्रताप सिंह शामिल हैं। वहीं, पुलिस की एक 2 सदस्यीय टीम को जांच के लिए बेंगलुरु भेजा गया है, ताकि परिवार के किसी अन्य सदस्य और उनके पुराने इतिहास का पता लगाया जा सके। परिवार कर्ज के बोझ में दबा था राजगीर थाना अध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि मृतक के चाचा, चचेरी बहन और एक पड़ोसी शनिवार को पटना पहुंचे है। पटना में ही दाह संस्कार गया। परिवार कर्ज के बोझ में दबा हुआ था। इनमें से एक अपने भांजे की हत्या का आरोपी है। उसका भांजा ऑनलाइन गेमिंग की लत में था। जिसके कारण नागा ने अपने भांजे की हत्या की थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है राजगीर में मां और 3 बच्चों की लाशें धर्मशाला के कमरे में मिली थी। मृतकों में जीआर नागा प्रसाद (50) भी शामिल है। जिसने पिछले साल अपने भांजे की हत्या की थी। 5 महीने से वो जेल में था। 17 दिसंबर को उसे जमानत मिली थी। नागा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था, पर कोई काम नहीं करता था, बेरोजगार था। पिता की मौत के बाद घर में कमाने वाला कोई नहीं था। नागा पर मां और 2 बहनों की जिम्मेदारी थी। एक बहन की शादी हुई थी, पर तलाक के बाद वो अपने मायके वालों के साथ ही रहती थी। घर में आर्थिक परेशानी भी कम नहीं थी। जिस वजह से ये लोग मानसिक रूप से अस्वस्थ रहते थे। इसी बीच पूरा परिवार तीर्थयात्रा पर निकला था। ये सारी जानकारी नालंदा पुलिस को बेंगलुरू से मिली। यहां की पुलिस ने बेंगलुरू पुलिस से फोन पर संपर्क किया था। भांजे की हत्या क्यों की, किस परिस्थिति में की, बेंगलुरू से कौन-कौन लोग पहुंचे क्या कहा, पढ़ें पूरी रिपोर्ट… भांजा को सट्‌टा खेलने की लत थी, गुस्से में कर दिया मर्डर पुलिस के अनुसार जिस भांजे की नागा ने हत्या की थी वो तलाकशुदा बहन का बेटा था। जिसे ऑनलाइन गेमिंग का शॉक था। ऑनलाइन सट्‌टा भी खेलता था। ये बात जब नागा को पता चली तो उसे बहुत गुस्सा आया। नागा सोचता था कि एक तो घर की आर्थिक स्थिति खराब है, ऊपर से भांजा सट्‌टा खेलता है। ऐसे में आर्थिक परेशानी और भी बढ़ सकती है। नागा ने अपने भांजे को कई बार सट्‌टा खेलने से मना किया, पर भांजा नहीं मान रहा था। पिछले साल जुलाई महीने में गुस्से में आकर नागा ने अपने भांजे को मार डाला। हत्या के बाद उसे जेल भी जाना पड़ा था। पैतृक गांव में नहीं जाते थे बेंगलुरू पुलिस के मुताबिक पूरा परिवार अपने पैतृक गांव में नहीं रहता था। ये लोग गांव तभी जाते थे जब पैतृक संपत्ति विवाद का मामला होता था या फिर इन्हें किन्ही से कर्ज लेने की जरूरत पड़ती थी। गांव में किसी प्रकार का सामाजिक या धर्मिक आयोजन होता था, फिर भी ये लोग शामिल नहीं होने जाते थे। चारों बेंगलुरू शहर में रहते थे। अभी ये क्लियर नहीं है कि शहर में इनका अपना घर था या फिर रेंट के घर में रहते थे। बेंगलुरू से पहुंचे परिवार चारों लाशों का पोस्टमॉर्टम पीएमसीएच, पटना में चल रहा है। मौत की जानकारी के बाद बेंगलुरू से परिवार शनिवार को पीएमसीएच पहुंचा। परिवार में चाचा, चचेरी बहन और एक पड़ोसी थे। उन्होंने चारों की लाशों को देखा और पहचान की। पुलिस ने तीनों से पूछताछ की, पर उनकी भाषा अलग थी। समझने में पुलिस को थोड़ी परेशानी हुई। जिसके बाद पुलिस ने इंग्लिश में बात करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नाम और उम्र के अलावा कोई दूसरी जानकारी नहीं दी। पोस्टमॉर्टम के बाद पड़ोसियों को सौंपे गए शव बेंगलुरू से पहुंचा परिवार शनिवार रात पटना में ही रुका। पोस्टमॉर्टम के बाद चारों लाशें इन्हें ही सौंप दी गई है, क्योंकि खुद के परिवार में मृतकों का कोई नहीं है। परिवार ने देर रात तक शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस के अनुसार लाशों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने में अभी 7 दिन का समय लगेगा। पुलिस कह रही है रिपोर्ट आने के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पड़ोसियों ने आत्महत्या की बात कही है, लेकिन जिस स्थिति में लाशें मिली थी उससे घटना को दूसरे एंगल से भी देखा जा रहा है। राजगीर के दिगंबर जैन धर्मशाला में मिली थी लाशें दरअसल, राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में संदिग्ध हालात में चार पर्यटकों के शव मिले थे। मृतकों में एक मां, दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। चारों के शव कमरे के चारों कोनों में फंदे से लटके मिले हैं। पुलिस के अनुसार, जिस रस्सी से शव लटके थे, वह नई थी। शव काफी हद तक डिकंपोज हो चुके थे। त्वचा निकलने लगी थी, जिससे आशंका है कि सभी की मौत कुछ दिन पहले हुई है। कमरे से 1.18 लाख रुपए कैश और गहने भी मिले थे।
SIT का गठन और बेंगलुरु पुलिस से संपर्क नालंदा एसपी भारत सोनी ने मामले की तह तक जाने के लिए 8 सदस्यीय SIT का गठन किया है। इस टीम में राजगीर SDPO सुनील कुमार सिंह, अंचल निरीक्षक संजय कुमार, जिला आसूचना इकाई के प्रभारी आलोक कुमार, गिरियक अंचल निरीक्षक सुमंत कुमार, राजगीर थानाध्यक्ष रमण कुमार, नेहा कुमारी, नवीन कुमार और भानु प्रताप सिंह शामिल हैं। वहीं, पुलिस की एक 2 सदस्यीय टीम को जांच के लिए बेंगलुरु भेजा गया है, ताकि परिवार के किसी अन्य सदस्य और उनके पुराने इतिहास का पता लगाया जा सके। परिवार कर्ज के बोझ में दबा था राजगीर थाना अध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि मृतक के चाचा, चचेरी बहन और एक पड़ोसी शनिवार को पटना पहुंचे है। पटना में ही दाह संस्कार गया। परिवार कर्ज के बोझ में दबा हुआ था। इनमें से एक अपने भांजे की हत्या का आरोपी है। उसका भांजा ऑनलाइन गेमिंग की लत में था। जिसके कारण नागा ने अपने भांजे की हत्या की थी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है  

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