3साल 9महीने बाद इंसाफ, मर्डर केस में 9 को उम्रकैद:जबलपुर के चर्चित अरुण मर्डर को कोर्ट ने माना जघन्य हत्याकांड, मामूली विवाद को दिया खौफनाक अंजाम

3साल 9महीने बाद इंसाफ, मर्डर केस में 9 को उम्रकैद:जबलपुर के चर्चित अरुण मर्डर को कोर्ट ने माना जघन्य हत्याकांड, मामूली विवाद को दिया खौफनाक अंजाम

जबलपुर में करीब चार साल पहले हुए बहुचर्चित अरुण चौहटेल हत्याकांड में आखिरकार कोर्ट का फैसला आ गया। 27 जुलाई 2022 को 27 वर्षीय अरुण चौहटेल की बेरहमी से हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश यादव की अदालत ने 9 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि एक नाबालिग आरोपी का मामला बाल न्यायालय में विचाराधीन है। 3 साल 9 महीने तक चली सुनवाई के बाद आए इस फैसले को मृतक के पिता ने अपने बेटे को समर्पित किया है। फैसले के बाद मृतक के पिता ने कहा कि सुनवाई के दौरान आरोपी जब-जब जमानत पर बाहर आए, तब उन्होंने लगातार धमकियां दीं। इसकी शिकायत पुलिस से लेकर कोर्ट तक की गई थी। कोर्ट ने माना ‘पूर्व नियोजित जघन्य हत्या’ शासकीय अधिवक्ता लहर दीक्षित के मुताबिक आरोपियों ने गैंग बनाकर पहले से हत्या की योजना बनाई थी। जिसकी दलील कोर्ट के समक्ष रखी गई। कोर्ट ने आरोपियों को आजीवन कारावास और 2-2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। सभी को जेल भेज दिया गया है। कोर्ट ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए 9 आरोपियों राजू समुद्रे, अजय, रिंकू रान, पप्पू उर्फ सुदेश, साहिल समुद्रे, नीरज युवराज बिरहा, शुभम ननहेट, बाबू उर्फ कृष्णा, जय समुद्रे एवं एक नाबालिग को हत्या का दोषी पाया गया। 9 आरोपियों को गुरुवार को जेल भेज दिया गया है, जबकि एक नाबालिग का केस बाल न्यायालय में चल रहा है। मामूली विवाद से शुरू हुई दुश्मनी, हत्या तक पहुंची बात मृतक अरुण उर्फ छोटे चौहटेल नगर निगम में सफाई का ठेका लेता था। वह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के नगर अध्यक्ष प्रमोद चौहटेल का चचेरा भाई था। पिता राजकुमार चौहटेल नगर निगम में कार्यरत हैं। घटना से करीब 7 महीने पहले पड़ोसियों अनिल और राजू से उसका मामूली विवाद हुआ था, जो बाद में सुलझ गया था। लेकिन आरोप है कि दोनों ने अंदर ही अंदर बदला लेने की साजिश रच ली थी। 27 जुलाई 2022 की रात करीब 9 बजे अरुण बाइक से घर से निकला। जैसे ही वह प्रेमसागर क्षेत्र पहुंचा, यहां सार्वजनिक शौचालय के नजदीक पहले से घात लगाए बैठे जय समुद्रे, जय का भाई अजय समुद्रे, रिंकू रान, बाबू समुद्रे सहित 10 आरोपियों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला किया और बड़े पत्थरों से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सभी ने चाकू एवं पत्थर से हमला कर अरुण को घायल कर दिया। हमले में अरुण के सिर में गंभीर चोट आई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एक महीने में पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ा वारदात के बाद परिजनों के दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए बेलबाग थाना पुलिस ने एक महीने के भीतर सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। इसके बाद मामला लगातार न्यायालय में विचाराधीन रहा।

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