कानपुर के घाटमपुर में एक कैबिनेट मंत्री के कॉलेज में 9 वर्षीय बच्ची का शव फांसी पर लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि हुई है। इस घटना के 24 घंटे बाद बच्ची की नानी खुद घाटमपुर थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह एक ट्रक चालक के साथ गई थीं। पुलिस ने पूछताछ के बाद नानी को घर भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नानी ममता ने पूछताछ में बताया कि वह पास के ही रहने वाले ट्रक चालक नरेश के साथ देर शाम चली गई थीं। जाने से पहले उन्होंने अपनी बेटी लक्ष्मी को फोन कर बताया था कि वह किसी काम से बाहर जा रही हैं। देर रात उनका फोन स्विच ऑफ हो गया था। सुबह फोन चार्ज करने के बाद ट्रक से उतरते समय उनका फोन गिरकर टूट गया। जब वह देर रात वापस कॉलेज पहुंचीं, तब उन्हें अपनी नातिन की मौत की जानकारी हुई। इसके बाद ममता ने चौकीदार के मोबाइल से पुलिस को अपने कॉलेज में होने की सूचना दी। बुधवार को ममता घाटमपुर थाने पहुंचीं और पुलिस को पूरी जानकारी दी। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि नानी खुद थाने आई थीं और पूछताछ के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है। पुलिस अब ममता के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और सीडीआर खंगाल रही है। घटना की विस्तृत जांच-पड़ताल जारी है। पढ़ें क्या है, पूरा मामला
कानपुर के बाबूपुरवा निवासी मंजीत ने बताया कि उनकी पत्नी लक्ष्मी की पहली शादी से एक बेटी वैष्णवी उर्फ रानी थी, जो अपनी नानी ममता के साथ घाटमपुर थाना क्षेत्र के बरनाव मोड़ के पास स्थित बंद पड़े कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के बाबा बैजनाथ डिग्री कॉलेज में रहती थी। मंजीत ने बताया कि उससे दो बेटी रिद्धि और कीर्ति है। जो उनके साथ कानपुर में रहती है। मंजीत ने बताया कि वह रक्षा बंधन में कॉलेज पर आए थे, तब वैष्णवी काफी खुश थी। उन्होंने बताया कि सोनवार देर रात कॉलेज के चौकीदार कामता का फोन आया और उन्हें बेटी के फांसी के फंदे पर लटकने की सूचना मिली। जिसपर वह पत्नी के साथ कॉलेज पर पहुंचे। पुलिस ने फोरेंसिक टीम बुलाकर घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ मासूम के शव का पोस्टमार्टम कराया है।


