झांसी के कोतवाली मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में घर में घुसकर हुई डकैती के मामले में 22 साल बाद अदालत का फैसला आया है। स्पेशल डकैती कोर्ट ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्हें 14-14 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक-एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। एडीजीसी विपिन कुमार मिश्रा ने अदालत के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए जानकारी दी कि मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के कुरैचा नाका निवासी वीरेंद्र कुमार साहू ने 11 मई 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि घर के सभी सदस्य शाम लगभग 7.30 बजे घर में ही मौजूद थे, तभी चार बदमाश घर में घुस आए और लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर बदमाशों ने परिवार के लोगों पर हमला भी किया और तमंचे से फायर भी कर दिया। घटना के बाद आरोपी जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले में धारा 395, 397 और 412 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने मऊरानीपुर के दुबे चौक निवासी लकी उर्फ मनीष, साबुन मोहल्ला निवासी रजनीश दुबे, कुरैचा नाका के पास रहने वाले संदीप मेहतर और विनोद राय को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से करीब दो लाख रुपए कैश, 48 सोने के सिक्के और करीब छह किलो चांदी के जेवर बरामद किए गए थे। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने चारों को डकैती का दोषी मानते हुए 14-14 साल की सजा और अर्थदंड सुनाया है।


