अलीगढ़ में 14 साल पहले हुए एक सनसनीखेज डकैती और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (SC-ST एक्ट) तोष कुमार शर्मा की अदालत ने कुख्यात बबलू मेवाती गैंग के चार सक्रिय सदस्यों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर 35-35 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से आधी राशि पीड़ित परिवार को मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। तड़के 4 बजे घर में घुसे थे हथियारबंद बदमाश यह वारदात 23 नवंबर 2012 की सुबह करीब 4 बजे सासनी गेट इलाके में हुई थी। एक अनुसूचित जाति का परिवार अपने घर में सो रहा था, तभी बदमाशों ने धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर से कीमती जेवरात और नकदी लूट ली। वहीं, बदमाशों ने नवविवाहिता के साथ गैंगरेप भी किया। जाते समय लाइट की रोशनी में परिवार के सदस्यों ने बदमाशों के चेहरे देख लिए थे। हालांकि, समाज में बदनामी और लोकलाज के डर से पीड़ित परिवार ने शुरुआत में पुलिस को केवल चोरी की सूचना दी और उसी के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया। मुठभेड़ के बाद बदमाशों ने खुद कबूला अपना गुनाह गैंगरेप की जानकारी पुलिस को 30 जनवरी 2013 को एसओजी टीम की मथुरा रोड पर बदमाशों से हुई मुठभेड़ के बाद पता चली। पुलिस ने इकरार उर्फ डांसर और शमीम नाम के दो लुटेरों को दबोचा। पूछताछ के दौरान बदमाशों ने कबूल किया कि उन्होंने सासनी गेट स्थित उस घर में न सिर्फ डकैती डाली थी, बल्कि घर की नवविवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म भी किया था। जब पीड़ित परिवार को बदमाशों की शिनाख्त के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने दोनों को पहचान लिया और हिम्मत जुटाकर पूरी सच्चाई पुलिस को बताई। कोर्ट ने इन आरोपियों को पाया दोषी साक्ष्यों और गवाही के आधार पर न्यायालय ने इकरार उर्फ डांसर, शमीम, नकीम उर्फ नकीमा और गुलफाम उर्फ पहलवान को डकैती और सामूहिक दुष्कर्म का दोषी माना। इन चारों को अब अपना बाकी जीवन जेल की सलाखों के पीछे गुजारना होगा। वहीं, इस गिरोह के एक सदस्य नाजिम की पहले ही गुजरात में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी नाबालिग है जिसका मामला किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। सरगना बबलू मेवाती पर फैसला आना अभी बाकी गैंग का मुख्य सरगना बबलू मेवाती घटना के बाद 50 हजार का इनामी बन गया था। पुलिस ने उसे करीब साढ़े तीन साल बाद मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार किया था। वह लंबे समय तक गुजरात की जेल में भी बंद रहा। बबलू मेवाती की पत्रावली वर्तमान में अलग चल रही है क्योंकि उसके खिलाफ गवाही की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि जल्द ही उसके मामले में भी सख्त सजा सुनिश्चित कराई जाएगी।


