जिले में पुलिस चेकिंग के दौरान एक परिवार डरकर अपनी गाड़ी छोड़कर भाग गया और एक साल के बच्चे के साथ पूरी रात झाड़ियों में छिपा रहा। रविवार रात हुई इस घटना के बाद सोमवार सुबह परिजनों ने उन्हें ढूंढ निकाला। इसके बाद परिवार सिटी कोतवाली थाने पहुंचा और पुलिस को पूरा घटनाक्रम बताया। बजाग थाना क्षेत्र के पड़रिया डोंगरी निवासी संदीप साहू ने बताया कि वह अपने छोटे भाई कुलदीप साहू, बहू पिंकी और मां संतोषी बाई के साथ अपने एक साल के बेटे का इलाज कराने उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित मनोना धाम गए थे। उनका बेटा दोनों आंखों से देख नहीं पाता। इलाज कराकर रविवार रात वे डिंडोरी होते हुए गांव लौट रहे थे। डर के मारे कच्चे रास्ते पर उतार दी गाड़ी संदीप के मुताबिक, रात करीब 10:45 बजे खरगहना गांव के पास पुलिस की वर्दी में कुछ लोग चेकिंग कर रहे थे। उनके आगे चल रही एक गाड़ी अचानक मुड़ गई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर डंडे और पत्थर फेंके। इससे घबराकर संदीप ने भी गाड़ी घुमा दी। एक डंडा लगने से गाड़ी का साइड ग्लास टूट गया। पीछे पत्थर भी लगा। संदीप का कहना है कि वे शिकायत करने डिंडोरी की ओर भागे, लेकिन पुलिस ने उनकी गाड़ी का पीछा किया। कूड़ा गांव के पास एक और बैरिकेड लगा था। उन्होंने गाड़ी कच्चे रास्ते में उतार दी, लेकिन आगे खाई देखकर गाड़ी छोड़ दी। बच्चे को लेकर पास की झाड़ियों में छिप गए। परिवार के मुताबिक पुलिसकर्मी टॉर्च की रोशनी से तलाश कर रहे थे। कह रहे थे कि गाड़ी में गांजा या शराब है। बच्चे के रोने की आवाज न आए, इसलिए परिवार ने उसका मुंह दबाकर रखा। बाद में पुलिस उनकी गाड़ी अपने साथ ले गई। रात भर खेतों में छिपा रहा परिवार रातभर परिवार खेतों और झाड़ियों के बीच छिपता रहा। इस दौरान संदीप की मां संतोषी बाई के पैर के अंगूठे में पत्थर लगने से चोट आई और शरीर पर झाड़ियों से खरोंचें आईं। मौका मिलते ही संदीप ने अपने भाई प्रदीप साहू को फोन कर जानकारी दी। प्रदीप ने डायल 112 को सूचना दी और परिजनों के साथ उनकी तलाश शुरू की। जीपीएस की मदद से खोजबीन के बाद परिवार गीधा गांव के पास खेत में मिला। इसके बाद सभी लोग थाने पहुंचे और बयान दर्ज कराया। प्रदीप साहू ने कहा कि अगर इस दौरान कोई अनहोनी हो जाती तो जिम्मेदार कौन होता। उनका कहना है कि पुलिस को वाहनों पर पत्थर और डंडे नहीं मारने चाहिए। टीआई बोले- बैरिकेड तोड़कर निकली थी कार निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने बताया कि सूचना मिली थी कि मंडला जिले के नैनपुर से कार में अवैध शराब लाई जा रही है। इसी के चलते कई स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट लगाए गए थे। कूड़ा गांव के पास एक कार तेज रफ्तार से बैरिकेड तोड़कर निकल गई। उन्होंने बताया कि कार क्रमांक MP20 ZC 7868 को पुलिस ने पकड़ लिया। उसमें करीब 130 लीटर अवैध शराब बरामद हुई है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक फरार है। आरोपी बोला- पुलिस को देखकर भागे थे पकड़े गए आरोपी संजय अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि वह जबलपुर का रहने वाला है। वह अपने साथी निरंजन के साथ नैनपुर से अवैध शराब लेकर मंडला बस स्टैंड में बैजू राठौर के पास पहुंचाने जा रहा था। पुलिस को देखकर वे अमरकंटक रोड की ओर भागे थे। इस दौरान उसका साथी निरंजन फरार हो गया।


