AFCON 2025 फाइनल विवाद: मोरक्को कोच रेग्रागुई ने हालात को बताया शर्मनाक

AFCON 2025 फाइनल विवाद: मोरक्को कोच रेग्रागुई ने हालात को बताया शर्मनाक

एएफकॉन 2025 का फाइनल मुकाबला फुटबॉल से ज़्यादा अव्यवस्था और विवादों के लिए याद किया जाएगा। मोरक्को के कोच वालिद रेग्रागुई ने मैच के बाद खुले शब्दों में मैदान पर हुए हालात पर नाराज़गी जताई, जब उनकी टीम को सेनेगल के हाथों 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि यह मुकाबला न सिर्फ नतीजे, बल्कि रेफरी के फैसलों और दर्शकों के बर्ताव को लेकर भी चर्चा में रहा।गौरतलब है कि मुकाबले के अंतिम समय में सेनेगल के खिलाफ एक विवादित पेनल्टी दी गई, जिसे लेकर सेनेगल के खिलाड़ी बेहद आक्रोशित नजर आए। मौजूद जानकारी के अनुसार, ब्राहिम डियाज़ पर डिफेंडर एल हाजी मलिक दियूफ के चैलेंज को VAR जांच के बाद फाउल माना गया और रेफरी ने इंजरी टाइम में पेनल्टी दे दी। इस फैसले से नाराज़ होकर कुछ सेनेगल खिलाड़ी मैदान छोड़कर बाहर चले गए, वहीं स्टैंड्स में मौजूद सेनेगल समर्थकों ने भी हंगामा शुरू कर दिया और मैदान में घुसने की कोशिश की।स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मैच को करीब 20 मिनट तक रोकना पड़ा। रेग्रागुई ने बाद में कहा कि पूरी दुनिया के सामने इतने लंबे समय तक खेल रुकना अफ्रीकी फुटबॉल की छवि के लिए शर्मनाक था। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के दृश्य किसी भी बड़े फाइनल के लिए ठीक नहीं माने जा सकते।पेनल्टी के समय ब्राहिम डियाज़ ने पानेंका स्टाइल में शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन सेनेगल के गोलकीपर ने शानदार बचाव कर लिया। इस पर रेग्रागुई ने कहा कि डियाज़ को शॉट से पहले काफी समय मिल गया था, जिससे दबाव बढ़ गया और इसका असर उनके फैसले पर पड़ा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब उस पल को बदला नहीं जा सकता और टीम को आगे की ओर देखना होगा।इससे पहले स्टॉपेज टाइम में सेनेगल का एक गोल भी विवादों में रहा, जब अब्दुलाये सेक के हेडर के बाद आए रिबाउंड को गोल मानने से पहले रेफरी ने फाउल करार दिया। रीप्ले में मोरक्को के खिलाड़ी अचरफ हकीमी पर बहुत ज्यादा संपर्क नजर नहीं आया, लेकिन फैसला पलटा नहीं गया। इसके बावजूद अतिरिक्त समय में पापा गेये ने शानदार गोल दागकर सेनेगल को खिताब दिला दिया।हार के बाद भावुक रेग्रागुई ने कहा कि फाइनल जैसे मुकाबलों में मौके बहुत कम मिलते हैं और उन्हें भुनाना बेहद ज़रूरी होता है। उन्होंने माना कि आखिरी पलों में मिली पेनल्टी मोरक्को को चैंपियन बना सकती थी, लेकिन किस्मत उनके साथ नहीं थी। साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि मोरक्को 22 साल बाद किसी एएफकॉन फाइनल में पहुंचा था और यह मौका खास था।रेग्रागुई ने भरोसा जताया कि यह टीम इस अनुभव से सीख लेकर और मजबूत होकर लौटेगी, क्योंकि अब खिलाड़ियों को समझ आ गया है कि फाइनल तक पहुंचने के लिए किस स्तर की तैयारी और मानसिक मजबूती चाहिए होती हैं। 

एएफकॉन 2025 का फाइनल मुकाबला फुटबॉल से ज़्यादा अव्यवस्था और विवादों के लिए याद किया जाएगा। मोरक्को के कोच वालिद रेग्रागुई ने मैच के बाद खुले शब्दों में मैदान पर हुए हालात पर नाराज़गी जताई, जब उनकी टीम को सेनेगल के हाथों 0-1 से हार का सामना करना पड़ा। बता दें कि यह मुकाबला न सिर्फ नतीजे, बल्कि रेफरी के फैसलों और दर्शकों के बर्ताव को लेकर भी चर्चा में रहा।
गौरतलब है कि मुकाबले के अंतिम समय में सेनेगल के खिलाफ एक विवादित पेनल्टी दी गई, जिसे लेकर सेनेगल के खिलाड़ी बेहद आक्रोशित नजर आए। मौजूद जानकारी के अनुसार, ब्राहिम डियाज़ पर डिफेंडर एल हाजी मलिक दियूफ के चैलेंज को VAR जांच के बाद फाउल माना गया और रेफरी ने इंजरी टाइम में पेनल्टी दे दी। इस फैसले से नाराज़ होकर कुछ सेनेगल खिलाड़ी मैदान छोड़कर बाहर चले गए, वहीं स्टैंड्स में मौजूद सेनेगल समर्थकों ने भी हंगामा शुरू कर दिया और मैदान में घुसने की कोशिश की।
स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मैच को करीब 20 मिनट तक रोकना पड़ा। रेग्रागुई ने बाद में कहा कि पूरी दुनिया के सामने इतने लंबे समय तक खेल रुकना अफ्रीकी फुटबॉल की छवि के लिए शर्मनाक था। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के दृश्य किसी भी बड़े फाइनल के लिए ठीक नहीं माने जा सकते।
पेनल्टी के समय ब्राहिम डियाज़ ने पानेंका स्टाइल में शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन सेनेगल के गोलकीपर ने शानदार बचाव कर लिया। इस पर रेग्रागुई ने कहा कि डियाज़ को शॉट से पहले काफी समय मिल गया था, जिससे दबाव बढ़ गया और इसका असर उनके फैसले पर पड़ा। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब उस पल को बदला नहीं जा सकता और टीम को आगे की ओर देखना होगा।
इससे पहले स्टॉपेज टाइम में सेनेगल का एक गोल भी विवादों में रहा, जब अब्दुलाये सेक के हेडर के बाद आए रिबाउंड को गोल मानने से पहले रेफरी ने फाउल करार दिया। रीप्ले में मोरक्को के खिलाड़ी अचरफ हकीमी पर बहुत ज्यादा संपर्क नजर नहीं आया, लेकिन फैसला पलटा नहीं गया। इसके बावजूद अतिरिक्त समय में पापा गेये ने शानदार गोल दागकर सेनेगल को खिताब दिला दिया।
हार के बाद भावुक रेग्रागुई ने कहा कि फाइनल जैसे मुकाबलों में मौके बहुत कम मिलते हैं और उन्हें भुनाना बेहद ज़रूरी होता है। उन्होंने माना कि आखिरी पलों में मिली पेनल्टी मोरक्को को चैंपियन बना सकती थी, लेकिन किस्मत उनके साथ नहीं थी। साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि मोरक्को 22 साल बाद किसी एएफकॉन फाइनल में पहुंचा था और यह मौका खास था।
रेग्रागुई ने भरोसा जताया कि यह टीम इस अनुभव से सीख लेकर और मजबूत होकर लौटेगी, क्योंकि अब खिलाड़ियों को समझ आ गया है कि फाइनल तक पहुंचने के लिए किस स्तर की तैयारी और मानसिक मजबूती चाहिए होती हैं।

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