नौ साल से फरार अमरेश ठाकुर पर इश्तेहार की अर्जी

क्राइम रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर सदर थाना क्षेत्र के चर्चित लूटकांड के आरोपी कुख्यात डकैत गिरोह के सरगना अमरेश ठाकुर की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने अब सख्त कदम उठाया है। गिरफ्तारी के लिए पिछले वर्ष दिसंबर में कोर्ट से वारंट लिया गया था, लेकिन आरोपित के हाथ नहीं लगने पर वारंट वापस कर दिया गया। इसके बाद सदर पुलिस ने अब कोर्ट में इश्तेहार जारी करने की अर्जी दाखिल की है। कोर्ट ने मामले में केस डायरी प्रस्तुत करने का आदेश आईओ दारोगा चंद्रशेखर आजाद को दिया है। इश्तेहार जारी होने के बाद पुलिस अमरेश ठाकुर के घर पर नोटिस चस्पा करेगी। यदि इसके बाद भी वह सरेंडर नहीं करता या गिरफ्तार नहीं होता है, तो पुलिस उसके घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई करेगी। यह मामला नौ साल से लंबित है और पुलिस को अब तक उसकी गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली है। अमरेश ठाकुर जिले का कुख्यात डकैत सरगना रहा है। आरोप है कि वह डकैती के दौरान केवल धन-संपत्ति ही नहीं लूटता था, बल्कि घर की जवान बेटियों को भी उठा ले जाता था। वर्ष 2018 में पीयर में ऐसी ही एक वारदात को अंजाम दिया गया था। युवती को जबरन ले जाने का विरोध करने पर उसने उसके पिता और चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद तत्कालीन डीएसपी पूर्वी मुत्तफिक अहमद ने पीयर चौर में अमरेश की घेराबंदी की थी। उस दौरान अमरेश ने डीएसपी की गाड़ी पर कार्बाइन से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस मुठभेड़ के बाद से ही अमरेश ठाकुर लापता बताया जाता है। पुलिस ने उसके गिरोह के आठ से दस सदस्यों को गिरफ्तार किया, लेकिन किसी ने भी उसके ठिकाने की जानकारी नहीं दी। अब इश्तेहार और संभावित कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के जरिए पुलिस फरार सरगना पर दबाव बढ़ेगा। क्राइम रिपोर्टर | मुजफ्फरपुर सदर थाना क्षेत्र के चर्चित लूटकांड के आरोपी कुख्यात डकैत गिरोह के सरगना अमरेश ठाकुर की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने अब सख्त कदम उठाया है। गिरफ्तारी के लिए पिछले वर्ष दिसंबर में कोर्ट से वारंट लिया गया था, लेकिन आरोपित के हाथ नहीं लगने पर वारंट वापस कर दिया गया। इसके बाद सदर पुलिस ने अब कोर्ट में इश्तेहार जारी करने की अर्जी दाखिल की है। कोर्ट ने मामले में केस डायरी प्रस्तुत करने का आदेश आईओ दारोगा चंद्रशेखर आजाद को दिया है। इश्तेहार जारी होने के बाद पुलिस अमरेश ठाकुर के घर पर नोटिस चस्पा करेगी। यदि इसके बाद भी वह सरेंडर नहीं करता या गिरफ्तार नहीं होता है, तो पुलिस उसके घर की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई करेगी। यह मामला नौ साल से लंबित है और पुलिस को अब तक उसकी गिरफ्तारी में सफलता नहीं मिली है। अमरेश ठाकुर जिले का कुख्यात डकैत सरगना रहा है। आरोप है कि वह डकैती के दौरान केवल धन-संपत्ति ही नहीं लूटता था, बल्कि घर की जवान बेटियों को भी उठा ले जाता था। वर्ष 2018 में पीयर में ऐसी ही एक वारदात को अंजाम दिया गया था। युवती को जबरन ले जाने का विरोध करने पर उसने उसके पिता और चाचा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद तत्कालीन डीएसपी पूर्वी मुत्तफिक अहमद ने पीयर चौर में अमरेश की घेराबंदी की थी। उस दौरान अमरेश ने डीएसपी की गाड़ी पर कार्बाइन से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस मुठभेड़ के बाद से ही अमरेश ठाकुर लापता बताया जाता है। पुलिस ने उसके गिरोह के आठ से दस सदस्यों को गिरफ्तार किया, लेकिन किसी ने भी उसके ठिकाने की जानकारी नहीं दी। अब इश्तेहार और संभावित कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के जरिए पुलिस फरार सरगना पर दबाव बढ़ेगा।  

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