सारण के छपरा में सोमवार को जिला कृषि परिसर में दो दिवसीय आधुनिक यांत्रिक कृषि मेले का शुभारंभ किया गया। इस मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करना है। मेले में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे और विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रदर्शित आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी ली। किसानों को उन्नत कृषि मशीनें अनुदान दर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे कम समय और कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकें। जिलाधिकारी ने किया् स्टॉलों का निरीक्षण मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और जिला परिषद अध्यक्ष जय मित्रा देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद, अधिकारियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रगति के लिए आधुनिक तकनीकों और यंत्रों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को नवीन तकनीकों से जोड़कर उनकी उत्पादकता और आय बढ़ाना है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक मशीनों को अपनाने की अपील की, ताकि खेती अधिक लाभकारी बन सके। कृषि यंत्रों पर 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान जिला कृषि पदाधिकारी मधुरेंद्र सिंह ने बताया कि मेले में विभिन्न कृषि यंत्रों पर 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इनमें ट्रैक्टर संचालित उपकरण, रीपर, थ्रेसर, पावर टिलर, सीड ड्रिल और स्प्रे मशीन जैसे आधुनिक उपकरण शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों के लिए समय के साथ तकनीक अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान, किसान सलाहकारों ने मंच से अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के क्रियान्वयन में टीम स्तर पर कार्य कराने और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगा। यह कृषि मेला किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। इससे उन्हें आधुनिक उपकरणों की जानकारी मिल रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का अवसर भी मिल रहा है, जिससे खेती को अधिक लाभदायक बनाया जा सकेगा। सारण के छपरा में सोमवार को जिला कृषि परिसर में दो दिवसीय आधुनिक यांत्रिक कृषि मेले का शुभारंभ किया गया। इस मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के प्रति प्रोत्साहित करना है। मेले में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे और विभिन्न कंपनियों द्वारा प्रदर्शित आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी ली। किसानों को उन्नत कृषि मशीनें अनुदान दर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे वे कम समय और कम लागत में अधिक उत्पादन कर सकें। जिलाधिकारी ने किया् स्टॉलों का निरीक्षण मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और जिला परिषद अध्यक्ष जय मित्रा देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद, अधिकारियों ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र में प्रगति के लिए आधुनिक तकनीकों और यंत्रों का उपयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य किसानों को नवीन तकनीकों से जोड़कर उनकी उत्पादकता और आय बढ़ाना है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक मशीनों को अपनाने की अपील की, ताकि खेती अधिक लाभकारी बन सके। कृषि यंत्रों पर 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान जिला कृषि पदाधिकारी मधुरेंद्र सिंह ने बताया कि मेले में विभिन्न कृषि यंत्रों पर 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इनमें ट्रैक्टर संचालित उपकरण, रीपर, थ्रेसर, पावर टिलर, सीड ड्रिल और स्प्रे मशीन जैसे आधुनिक उपकरण शामिल हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों के लिए समय के साथ तकनीक अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान, किसान सलाहकारों ने मंच से अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के क्रियान्वयन में टीम स्तर पर कार्य कराने और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि इससे कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सकेगा। यह कृषि मेला किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। इससे उन्हें आधुनिक उपकरणों की जानकारी मिल रही है और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का अवसर भी मिल रहा है, जिससे खेती को अधिक लाभदायक बनाया जा सकेगा।


