किशोरियों को एनीमिया की दवा, बच्चों को पढ़ाई किट मिली:राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 6 माह के बच्चों का हुआ अन्नप्राशन

किशोरियों को एनीमिया की दवा, बच्चों को पढ़ाई किट मिली:राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 6 माह के बच्चों का हुआ अन्नप्राशन

शेखपुरा। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर शनिवार को बरबीघा प्रखंड की सर्वा पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 156 पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किशोरियों की एनीमिया जांच कर उन्हें मुफ्त दवा दी गई, साथ ही 6 साल तक के बच्चों के बीच पढ़ाई की किट वितरित की गई। यह कार्यक्रम भारत सरकार के “सम्पूर्णता अभियान 2.0” के तहत आयोजित किया गया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति संवेदनशील बनाना है। यह अभियान आकांक्षी जिलों और आकांक्षी प्रखंडों में फरवरी से अप्रैल माह तक चलेगा, जिसका लक्ष्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी उद्देश्यों को प्राप्त करना है। कार्यक्रम में सर्वा पंचायत की जनप्रतिनिधि मुन्नी कुमारी, डीडीसी संजय कुमार, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस), डीपीएम जीविका, बीडीओ अमित कुमार, अंचल अधिकारी, बरबीघा रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. फैसल अरशद और सीडीपीओ सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार किया गया। माताओं को मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। किशोरियों के पोषण, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के महत्व पर जोर दिया गया और उन्हें माहवारी स्वच्छता किट भी प्रदान की गई। अभियान के तहत जिला स्तर पर जन्म के समय वजन किए गए जीवित शिशुओं का अनुपात, टीबी के मामलों की अधिसूचना दर, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस या शहरी स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस आयोजित करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत जैसे लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रखंड स्तर पर आईसीडीएस कार्यक्रम के तहत नियमित पूरक पोषण प्राप्त करने वाले 6 महीने से 6 वर्ष तक के बच्चों का प्रतिशत, आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की मापन दक्षता, कार्यशील शौचालयों का प्रतिशत और पेयजल सुविधा से युक्त आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत भी इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं। इसके लिए दवाइया वितरित की गयी एवं मासिक धर्म में साफ सफाई पर जोर दिया गया। खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के प्रति आगाह करते हुए शौचालयों के नियमित उपयोग पर बल दिया गया। आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने केंद्र पर उपस्थित धात्री माताओं, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को संबोधित किया। इस दौरान बताया गया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल अच्छा भोजन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित वातावरण भी अनिवार्य है। स्वस्थ समाज की नींव किशोरियों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य पर टिकी है। खान-पान में सुधार के साथ-साथ नियमित व्यायाम को जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है। शेखपुरा। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर शनिवार को बरबीघा प्रखंड की सर्वा पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 156 पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान किशोरियों की एनीमिया जांच कर उन्हें मुफ्त दवा दी गई, साथ ही 6 साल तक के बच्चों के बीच पढ़ाई की किट वितरित की गई। यह कार्यक्रम भारत सरकार के “सम्पूर्णता अभियान 2.0” के तहत आयोजित किया गया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को स्वास्थ्य और पोषण के प्रति संवेदनशील बनाना है। यह अभियान आकांक्षी जिलों और आकांक्षी प्रखंडों में फरवरी से अप्रैल माह तक चलेगा, जिसका लक्ष्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी उद्देश्यों को प्राप्त करना है। कार्यक्रम में सर्वा पंचायत की जनप्रतिनिधि मुन्नी कुमारी, डीडीसी संजय कुमार, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस), डीपीएम जीविका, बीडीओ अमित कुमार, अंचल अधिकारी, बरबीघा रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. फैसल अरशद और सीडीपीओ सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान मुख्य रूप से गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और 6 माह के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार किया गया। माताओं को मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। किशोरियों के पोषण, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के महत्व पर जोर दिया गया और उन्हें माहवारी स्वच्छता किट भी प्रदान की गई। अभियान के तहत जिला स्तर पर जन्म के समय वजन किए गए जीवित शिशुओं का अनुपात, टीबी के मामलों की अधिसूचना दर, ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस या शहरी स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस आयोजित करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत जैसे लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रखंड स्तर पर आईसीडीएस कार्यक्रम के तहत नियमित पूरक पोषण प्राप्त करने वाले 6 महीने से 6 वर्ष तक के बच्चों का प्रतिशत, आंगनवाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की मापन दक्षता, कार्यशील शौचालयों का प्रतिशत और पेयजल सुविधा से युक्त आंगनवाड़ी केंद्रों का प्रतिशत भी इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं। इसके लिए दवाइया वितरित की गयी एवं मासिक धर्म में साफ सफाई पर जोर दिया गया। खुले में शौच से होने वाली बीमारियों के प्रति आगाह करते हुए शौचालयों के नियमित उपयोग पर बल दिया गया। आंगनबाड़ी सेविकाओं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने केंद्र पर उपस्थित धात्री माताओं, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को संबोधित किया। इस दौरान बताया गया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए केवल अच्छा भोजन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित वातावरण भी अनिवार्य है। स्वस्थ समाज की नींव किशोरियों और माताओं के बेहतर स्वास्थ्य पर टिकी है। खान-पान में सुधार के साथ-साथ नियमित व्यायाम को जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है।  

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