आरटीई के तहत चयनित बच्चों का 20 मार्च तक एडमिशन:लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, रद्द होगा स्कूलों का यू-डायस

आरटीई के तहत चयनित बच्चों का 20 मार्च तक एडमिशन:लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी, रद्द होगा स्कूलों का यू-डायस

शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में नामांकित होने वाले गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। सत्र 2026-27 के लिए नामांकन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 20 मार्च कर दिया गया है। जिला शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से चयनित सभी 2,218 बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। लक्ष्य से पीछे है नामांकन का आंकड़ा जिले के निजी स्कूलों में 25 फीसदी आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए प्रथम चरण में 2,218 बच्चों को चिन्हित किया गया था। पूर्व में निर्धारित 10 मार्च की समय सीमा तक मात्र 1,152 बच्चों ने ही स्कूलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। अभी भी 966 बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने चयनित स्कूलों में दाखिला नहीं लिया है। इसी अंतर को पाटने के लिए विभाग ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है। स्कूलों को नोटिस, कागजात के नाम पर न करें परेशान सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ मो. शहनवाज ने बताया कि सूचीबद्ध सभी निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया है। स्कूल प्रबंधन खुद अभिभावकों से संपर्क कर नामांकन की प्रक्रिया पूरी करें। अगर कागजात के नाम पर अभिभावकों, छात्रों को बेवजह परेशान किया गया या नामांकन से इनकार किया गया, तो संबंधित स्कूल की प्रस्वीकृति और यू-डायस कोड रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से भी अपील शिक्षा विभाग ने चयनित छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे आवंटित विद्यालयों में जाकर समय रहते नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर लें। आरटीई के तहत अलाभकारी समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार प्राप्त है, जिसके लिए ज्ञानदीप पोर्टल के जरिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई गई है। शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में नामांकित होने वाले गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए राहत भरी खबर है। सत्र 2026-27 के लिए नामांकन की अंतिम तिथि को बढ़ाकर अब 20 मार्च कर दिया गया है। जिला शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से चयनित सभी 2,218 बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। लक्ष्य से पीछे है नामांकन का आंकड़ा जिले के निजी स्कूलों में 25 फीसदी आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए प्रथम चरण में 2,218 बच्चों को चिन्हित किया गया था। पूर्व में निर्धारित 10 मार्च की समय सीमा तक मात्र 1,152 बच्चों ने ही स्कूलों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। अभी भी 966 बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने चयनित स्कूलों में दाखिला नहीं लिया है। इसी अंतर को पाटने के लिए विभाग ने समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है। स्कूलों को नोटिस, कागजात के नाम पर न करें परेशान सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ मो. शहनवाज ने बताया कि सूचीबद्ध सभी निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिया गया है। स्कूल प्रबंधन खुद अभिभावकों से संपर्क कर नामांकन की प्रक्रिया पूरी करें। अगर कागजात के नाम पर अभिभावकों, छात्रों को बेवजह परेशान किया गया या नामांकन से इनकार किया गया, तो संबंधित स्कूल की प्रस्वीकृति और यू-डायस कोड रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से भी अपील शिक्षा विभाग ने चयनित छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे आवंटित विद्यालयों में जाकर समय रहते नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर लें। आरटीई के तहत अलाभकारी समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का अधिकार प्राप्त है, जिसके लिए ज्ञानदीप पोर्टल के जरिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया अपनाई गई है।  

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