पूर्णिया शहर के महिला महाविद्यालय में बाउंड्री वॉल निर्माण को लेकर हुए विवाद और CO से मारपीट के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले में सीओ संजीव कुमार के आवेदन पर प्रफुल्ल चंद्र राय, उनकी पत्नी रंजना राय समेत 15 नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज की गई है। के. हाट थाना में कई गंभीर धाराओं में FIR हुआ है। एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि सीओ संजीव कुमार महिला महाविद्यालय की चारदीवारी का निर्माण कार्य करवाने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ महिलाओं और स्थानीय लोगों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मारपीट भी की गई। पूरी घटना का वीडियो भी उपलब्ध है। जब सीओ पर भी युवती के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप के बारे में सवाल किया गया तो एसपी ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। अगर दूसरा पक्ष कोई वीडियो या साक्ष्य प्रस्तुत करता है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कार्य में बाधा डाला गया इधर, सीओ संजीव कुमार ने अपने आवेदन में बताया है कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर महिला कॉलेज परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य की निगरानी के लिए गए थे। उसी दौरान प्रफुल्ल चंद्र राय, उनकी पत्नी, बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली। गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई और जान से मारने की कोशिश भी की गई। इस दौरान सरकारी सामान को नुकसान पहुंचाया गया। करीब 45 हजार रुपए की इलेक्ट्रॉनिक हैमर मशीन चोरी कर ली गई। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिनका इलाज जीएमसीएच पूर्णिया में कराया गया। वहीं, के.हाट थानाध्यक्ष ने बताया कि नामजद आरोपियों में प्रफुल्ल चंद्र राय, पत्नी रंजना राय, बेटी तृषा राय, रीशु कुमार, टुनटुन साह उर्फ जगरनाथ सिंह, पी.सी. राय का मैनेजर, दुर्गेश कुमार उर्फ पुष्पम कुमार, दुलारी देवी, रेणु देवी सहित अन्य लोग शामिल हैं। हंगामे का वीडियो सामने आया था इससे पहले इस विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें सीओ और एक युवती के बीच बहस और धक्का-मुक्की दिखाई दी थी। युवती ने आरोप लगाया था कि वीडियो बनाने के दौरान सीओ ने पहले उसे थप्पड़ मारा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। प्रशासन का कहना है कि यह पूरा मामला सरकारी कार्य में बाधा और लोक सेवक पर हमले से जुड़ा है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूर्णिया शहर के महिला महाविद्यालय में बाउंड्री वॉल निर्माण को लेकर हुए विवाद और CO से मारपीट के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले में सीओ संजीव कुमार के आवेदन पर प्रफुल्ल चंद्र राय, उनकी पत्नी रंजना राय समेत 15 नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज की गई है। के. हाट थाना में कई गंभीर धाराओं में FIR हुआ है। एसपी स्वीटी सहरावत ने बताया कि सीओ संजीव कुमार महिला महाविद्यालय की चारदीवारी का निर्माण कार्य करवाने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ महिलाओं और स्थानीय लोगों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मारपीट भी की गई। पूरी घटना का वीडियो भी उपलब्ध है। जब सीओ पर भी युवती के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप के बारे में सवाल किया गया तो एसपी ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। अगर दूसरा पक्ष कोई वीडियो या साक्ष्य प्रस्तुत करता है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कार्य में बाधा डाला गया इधर, सीओ संजीव कुमार ने अपने आवेदन में बताया है कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर महिला कॉलेज परिसर में बाउंड्री वॉल निर्माण कार्य की निगरानी के लिए गए थे। उसी दौरान प्रफुल्ल चंद्र राय, उनकी पत्नी, बेटी और परिवार के अन्य सदस्यों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली। गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई और जान से मारने की कोशिश भी की गई। इस दौरान सरकारी सामान को नुकसान पहुंचाया गया। करीब 45 हजार रुपए की इलेक्ट्रॉनिक हैमर मशीन चोरी कर ली गई। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिनका इलाज जीएमसीएच पूर्णिया में कराया गया। वहीं, के.हाट थानाध्यक्ष ने बताया कि नामजद आरोपियों में प्रफुल्ल चंद्र राय, पत्नी रंजना राय, बेटी तृषा राय, रीशु कुमार, टुनटुन साह उर्फ जगरनाथ सिंह, पी.सी. राय का मैनेजर, दुर्गेश कुमार उर्फ पुष्पम कुमार, दुलारी देवी, रेणु देवी सहित अन्य लोग शामिल हैं। हंगामे का वीडियो सामने आया था इससे पहले इस विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें सीओ और एक युवती के बीच बहस और धक्का-मुक्की दिखाई दी थी। युवती ने आरोप लगाया था कि वीडियो बनाने के दौरान सीओ ने पहले उसे थप्पड़ मारा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। प्रशासन का कहना है कि यह पूरा मामला सरकारी कार्य में बाधा और लोक सेवक पर हमले से जुड़ा है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों, वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


