गोरखपुर में रसोई गैस की कालाबाजारी और अनियमितता की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो गैस एजेंसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की है।
जांच के दौरान सिलेंडरों की अवैध बिक्री और स्टॉक में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के संचालकों, परिवहन ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
आशीष इंडेन गैस सर्विस पर हुई कारवाई
पहला मामला आशीष इंडेन गैस सर्विस, पीपीगंज से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार 10 मार्च 2026 को बाटलिंग प्लांट गीड़ा से उक्त गैस एजेंसी के लिए 525 भरे हुए गैस सिलेंडर ट्रक संख्या WB 29C 1718 के माध्यम से भेजे गए थे।
आरोप है कि गैस एजेंसी द्वारा इन सिलेंडरों को अपने गोदाम में उतारने के बजाय ट्रक को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे खड़ा कर दिया गया और वहां से सिलेंडरों को अवैध तरीके से अधिक कीमत पर बेचा जाने लगा।
गोरखनाथ थाने में प्राथमिकी दर्ज
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची जांच टीम ने इस गड़बड़ी को पकड़ लिया। इसके बाद 11 मार्च को गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां स्टॉक में भी गड़बड़ी पाई गई। इस मामले में गैस एजेंसी के मालिक पवन वर्मा, संबंधित परिवहन ठेकेदार मैसर्स प्रेस्टिज मूवर्स, ट्रक चालक अली मोहम्मद तथा गैस एजेंसी के कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1966 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत थाना गोरखनाथ में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
पिकअप वाहन में लावारिस हाल में मिला गैस सिलेंडर
दूसरा मामला कन्हैया इंडेन गैस सर्विस, नौसढ़ से संबंधित है। 10 मार्च 2026 को नौसढ़ चौराहे के पास रोडवेज के पीछे एक पिकअप वाहन संख्या UP 53 GT 5254 में भरे घरेलू कुकिंग गैस सिलेंडर लावारिस हालत में पाए गए। वाहन पर कन्हैया इंडेन गैस सर्विस से संबंधित बैनर भी लगा हुआ था।
टीम के पहुंचने पर गैस एजेंसी के कर्मचारी फरार
मौके पर मौजूद लोगों ने जांच टीम को बताया कि उक्त वाहन के माध्यम से गैस सिलेंडरों को ऊंचे दाम पर बेचा जा रहा था। हालांकि जांच टीम को देखकर गैस एजेंसी के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। इसके बाद 11 मार्च को संबंधित गैस एजेंसी के गोदाम की जांच की गई, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों के स्टॉक में अनियमितता और गड़बड़ी पाई गई।
कन्हैया इंडेन गैस सर्विस पर हुई कारवाई
जांच में यह भी सामने आया कि घरेलू उपयोग के गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग किया जा रहा था। इस मामले में मैसर्स कन्हैया इंडेन गैस सर्विस के प्रोपराइटर के खिलाफ भी आवश्यक वस्तु अधिनियम 1965 की धारा 3/7 तथा भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी गैस एजेंसी या उससे जुड़े व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।


