गयाजी में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राह देख रहे 197 बुजुर्गों के लिए अच्छी की खबर है। अलग-अलग प्रखंडों में तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों के कारण महीनों से अटकी पेंशन को फिर से चालू करने का आदेश डीएम शशांक शुभंकर ने जारी किया है। जिला प्रशासन के अनुसार बेलागंज में 121, टनकुप्पा 16, फतेहपुर 38, कोंच 13, गुरुआ 13, गुरारू 25, वजीरगंज 17, मोहनपुर 10 और डुमरिया प्रखंड में 26 पेंशनधारी इस सूची में शामिल हैं। इन सभी का भुगतान त्रुटि सुधार के बाद फिर से प्रारंभ किया जाएगा।
डीबीटी के माध्यम से राशि ट्रांसफर की जाएगी डीएम ने सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग को निर्देश दिया है कि सभी मामलों का सत्यापन कर अविलंब पेंशन चालू कराई जाए। प्रशासन का कहना है कि पेंशन बहाल होते ही पूर्व से रुकी राशि भी संबंधित लाभुकों के खाते में भेज दी जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभुकों के बैंक खाते में जाती है। ऐसे में आधार, बैंक खाता या अन्य तकनीकी गड़बड़ियों के कारण भुगतान अटकने की आशंका बनी रहती है। इस बार भी प्राथमिक जांच में इसी तरह की त्रुटियां सामने आई थीं। हालांकि सवाल यह भी है कि अगर समस्या तकनीकी थी तो इतने दिनों तक सुधार क्यों नहीं हुआ। सामाजिक सुरक्षा जैसी योजना में देरी का सीधा असर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग लाभुकों पर ही पड़ता है। फिलहाल प्रशासन की पहल से उम्मीद जगी है। अब निगाह डीएम के आदेश जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू होता है और लाभुकों को उनका हक कितनी जल्द मिलता है। यह एक बड़ा सवाल है। गयाजी में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राह देख रहे 197 बुजुर्गों के लिए अच्छी की खबर है। अलग-अलग प्रखंडों में तकनीकी और प्रक्रिया संबंधी त्रुटियों के कारण महीनों से अटकी पेंशन को फिर से चालू करने का आदेश डीएम शशांक शुभंकर ने जारी किया है। जिला प्रशासन के अनुसार बेलागंज में 121, टनकुप्पा 16, फतेहपुर 38, कोंच 13, गुरुआ 13, गुरारू 25, वजीरगंज 17, मोहनपुर 10 और डुमरिया प्रखंड में 26 पेंशनधारी इस सूची में शामिल हैं। इन सभी का भुगतान त्रुटि सुधार के बाद फिर से प्रारंभ किया जाएगा।
डीबीटी के माध्यम से राशि ट्रांसफर की जाएगी डीएम ने सहायक निदेशक, जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग को निर्देश दिया है कि सभी मामलों का सत्यापन कर अविलंब पेंशन चालू कराई जाए। प्रशासन का कहना है कि पेंशन बहाल होते ही पूर्व से रुकी राशि भी संबंधित लाभुकों के खाते में भेज दी जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभुकों के बैंक खाते में जाती है। ऐसे में आधार, बैंक खाता या अन्य तकनीकी गड़बड़ियों के कारण भुगतान अटकने की आशंका बनी रहती है। इस बार भी प्राथमिक जांच में इसी तरह की त्रुटियां सामने आई थीं। हालांकि सवाल यह भी है कि अगर समस्या तकनीकी थी तो इतने दिनों तक सुधार क्यों नहीं हुआ। सामाजिक सुरक्षा जैसी योजना में देरी का सीधा असर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग लाभुकों पर ही पड़ता है। फिलहाल प्रशासन की पहल से उम्मीद जगी है। अब निगाह डीएम के आदेश जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से लागू होता है और लाभुकों को उनका हक कितनी जल्द मिलता है। यह एक बड़ा सवाल है।


