गयाजी में कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई:बाराचट्टी में 13,500 घनफीट कोयला जब्त, विभाग ने 1.5 करोड़ का जुर्माना लगाया

गयाजी में कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई:बाराचट्टी में 13,500 घनफीट कोयला जब्त, विभाग ने 1.5 करोड़ का जुर्माना लगाया

इजराइल-ईरान युद्ध की वजह से एलपीजी क्राइसिस के बीच गयाजी में कोयला की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने लगातार दो रात तक विशेष अभियान चलाया। खनन विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने गांव चेटिया, भलूआ में छापेमारी की। इस दौरान अवैध कोयला भंडारण का खुलासा हुआ। करीब 13,500 घनफीट कोयला मौके से जब्त टीम जब मौके पर पहुंची तो कई जगहों पर भारी मात्रा में कोयला स्टोर किया हुआ मिला। जांच के दौरान संबंधित लोगों से कागजात मांगे गए। लेकिन कोई वैध चालान या फिर दस्तावेज उनकी ओर से कोयला भंडारण का नहीं दिखाया गया। इस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई और कार्रवाई करते हुए करीब 13,500 घनफीट कोयला मौके से जब्त किया। 5 हाइवा और लोडर मशीनें भी जब्त मौके से 5 हाइवा और लोडर मशीनें पकड़ी गईं। इसके अलावा 7 ट्रक और ट्रेलर भी बरामद किए गए। कई अन्य वाहन जैसे ट्रैक्टर भी जब्त किए गए। हालांकि हमेशा की तरह कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गए। करीब 1.5 करोड़ रुपए का लगाया जुर्माना प्रशासन ने मौके पर लगे बैनर और अन्य सूचनाओं के आधार पर अवैध भंडारण करने वालों की पहचान की। सभी के खिलाफ बाराचट्टी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस पूरे अभियान में करीब 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई MMDR Act 1957 की धारा 4(1), 4(1A) और 21 के तहत की गई है। इसके अलावा बिहार खनिज नियमावली 2024 के नियम 56 और आईपीसी की संबंधित धाराओं में भी केस दर्ज किया गया है। कोयले का अवैध खनन, परिवहन और भंडारण बर्दाश्त नहीं- प्रशासन प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि बाराचट्टी और आसपास के इलाकों में लंबे समय से अवैध कोयला कारोबार की शिकायत मिल रही थी। इस कार्रवाई के बाद कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है। स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। इजराइल-ईरान युद्ध की वजह से एलपीजी क्राइसिस के बीच गयाजी में कोयला की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र में अवैध कोयला कारोबार पर बड़ी कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने लगातार दो रात तक विशेष अभियान चलाया। खनन विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने गांव चेटिया, भलूआ में छापेमारी की। इस दौरान अवैध कोयला भंडारण का खुलासा हुआ। करीब 13,500 घनफीट कोयला मौके से जब्त टीम जब मौके पर पहुंची तो कई जगहों पर भारी मात्रा में कोयला स्टोर किया हुआ मिला। जांच के दौरान संबंधित लोगों से कागजात मांगे गए। लेकिन कोई वैध चालान या फिर दस्तावेज उनकी ओर से कोयला भंडारण का नहीं दिखाया गया। इस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई और कार्रवाई करते हुए करीब 13,500 घनफीट कोयला मौके से जब्त किया। 5 हाइवा और लोडर मशीनें भी जब्त मौके से 5 हाइवा और लोडर मशीनें पकड़ी गईं। इसके अलावा 7 ट्रक और ट्रेलर भी बरामद किए गए। कई अन्य वाहन जैसे ट्रैक्टर भी जब्त किए गए। हालांकि हमेशा की तरह कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गए। करीब 1.5 करोड़ रुपए का लगाया जुर्माना प्रशासन ने मौके पर लगे बैनर और अन्य सूचनाओं के आधार पर अवैध भंडारण करने वालों की पहचान की। सभी के खिलाफ बाराचट्टी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस पूरे अभियान में करीब 1.5 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई MMDR Act 1957 की धारा 4(1), 4(1A) और 21 के तहत की गई है। इसके अलावा बिहार खनिज नियमावली 2024 के नियम 56 और आईपीसी की संबंधित धाराओं में भी केस दर्ज किया गया है। कोयले का अवैध खनन, परिवहन और भंडारण बर्दाश्त नहीं- प्रशासन प्रशासन का कहना है कि जिले में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीएम शशांक शुभंकर के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। गौरतलब है कि बाराचट्टी और आसपास के इलाकों में लंबे समय से अवैध कोयला कारोबार की शिकायत मिल रही थी। इस कार्रवाई के बाद कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है। स्थानीय स्तर पर भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है।  

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