पटना शहर में कल से फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान की दूसरे फेज की शुरुआत हुई है। दिसंबर महीने के लिए बने एडवांस कैलेंडर के तहत यह अभियान जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर चलाया जा रहा है। डीएम खुद इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और सभी एसडीओ–एसडीपीओ को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि अभियान को पूरी सख्ती और प्रभावी तरीके से चलाया जाए। पटना प्रमंडल के आयुक्त ने हाल ही में बैठक कर साफ कहा था कि पटना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधरनी चाहिए और इसके लिए लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए। उसी निर्देश पर डीएम और SSP कार्तिकेय के. शर्मा ने कई टीमें गठित की हैं। कई विभाग की टीम उतरी सड़क पर अभियान में नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, अग्निशमन, बिजली, वन प्रमंडल, पुल निर्माण निगम सहित कई विभागों की टीमें शामिल हैं। यह ड्राइव जिला नियंत्रण कक्ष की निगरानी में चल रहा है। 5 सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल बनाई गई अभियान की निगरानी के लिए डीएम ने एक स्पेशल मॉनिटरिंग टीम बनाई है, जिसमें शामिल हैं- 1. पुलिस अधीक्षक (यातायात) 2. एडीएम (नगर व्यवस्था) 3. पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था) 4. अपर नगर आयुक्त/नगर कार्यपालक पदाधिकारी 5. सिटी मजिस्ट्रेट (जिला नियंत्रण कक्ष) यह टीम संयुक्त रूप से फील्ड में सक्रिय रहकर पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर करेगी। फिर से अतिक्रमण किया तो सीधे FIR जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि बार-बार अतिक्रमण करने वालों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आदतन अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी और जो दोबारा अतिक्रमण करते पाए जाएंगे, उन पर अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसके लिए फॉलो-अप टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी, ताकि जहां से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा न हो सके। अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस की ओर से विशेष वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट उनकी टॉप प्रायोरिटी है और इसके लिए प्रशासन “जीरो टॉलरेंस” पर काम करेगा। पटना शहर में कल से फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान की दूसरे फेज की शुरुआत हुई है। दिसंबर महीने के लिए बने एडवांस कैलेंडर के तहत यह अभियान जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर चलाया जा रहा है। डीएम खुद इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और सभी एसडीओ–एसडीपीओ को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि अभियान को पूरी सख्ती और प्रभावी तरीके से चलाया जाए। पटना प्रमंडल के आयुक्त ने हाल ही में बैठक कर साफ कहा था कि पटना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधरनी चाहिए और इसके लिए लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए। उसी निर्देश पर डीएम और SSP कार्तिकेय के. शर्मा ने कई टीमें गठित की हैं। कई विभाग की टीम उतरी सड़क पर अभियान में नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, अग्निशमन, बिजली, वन प्रमंडल, पुल निर्माण निगम सहित कई विभागों की टीमें शामिल हैं। यह ड्राइव जिला नियंत्रण कक्ष की निगरानी में चल रहा है। 5 सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल बनाई गई अभियान की निगरानी के लिए डीएम ने एक स्पेशल मॉनिटरिंग टीम बनाई है, जिसमें शामिल हैं- 1. पुलिस अधीक्षक (यातायात) 2. एडीएम (नगर व्यवस्था) 3. पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था) 4. अपर नगर आयुक्त/नगर कार्यपालक पदाधिकारी 5. सिटी मजिस्ट्रेट (जिला नियंत्रण कक्ष) यह टीम संयुक्त रूप से फील्ड में सक्रिय रहकर पूरे ऑपरेशन को मॉनिटर करेगी। फिर से अतिक्रमण किया तो सीधे FIR जिलाधिकारी ने साफ कहा है कि बार-बार अतिक्रमण करने वालों को अब किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आदतन अतिक्रमणकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी और जो दोबारा अतिक्रमण करते पाए जाएंगे, उन पर अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसके लिए फॉलो-अप टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी, ताकि जहां से अतिक्रमण हटाया गया है, वहां दोबारा कब्जा न हो सके। अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस की ओर से विशेष वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट उनकी टॉप प्रायोरिटी है और इसके लिए प्रशासन “जीरो टॉलरेंस” पर काम करेगा।


