उन्नाव जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। गंगाघाट क्षेत्र के देवारा खुर्द में शिकायत मिलने पर दो मशीनें सीज की गईं। अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार अवैध खनन को संवेदनशील मुद्दा मानते हुए लगातार निगरानी की जा रही है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी। एडीएम सुशील कुमार ने बताया कि जिले में अवैध खनन रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें सभी एसडीएम, संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और खनन विभाग की टीमें शामिल हैं। अधिकारियों के बीच समन्वय के लिए एक ग्रुप भी बनाया गया है, जिसके माध्यम से नियमित जांच और सूचना साझा की जाती है ताकि अवैध खनन रोका जा सके। उन्होंने बताया कि गंगा घाट के देवारा क्षेत्र में खनन की अनुमति केवल निर्धारित कार्य (डेंजरूप) के लिए थी। हालांकि, रॉयल्टी की अनुमति न होने के बावजूद मिट्टी बाहर बेची जा रही थी। शिकायत मिलने पर खनन अधिकारी ने रात में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और एक पोकलैंड तथा एक जेसीबी मशीन को सीज कर दिया। एडीएम ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध खनन के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है और यह प्रशासन की दैनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। प्रशासन का प्रयास है कि टीमों को और अधिक सक्रिय किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी शिकायतें सामने न आएं। जब उनसे पूछा गया कि जिस व्यक्ति द्वारा खनन कराया जा रहा था, उस पर पहले भी जुर्माना लग चुका है और उसे ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है, तो एडीएम ने कहा कि यदि ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी अवैध खनन किया गया है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य जिले में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


